दुनिया में बनी हैं एक से एक महंगी धार्मिक इमारतें

Kavita Singh Rathore

1995 में बना बेसिलिका ऑफ़ द नेशनल श्राइन ऑफ़ आवर लेडी ऑफ़ अपरेसिडा सेंट पीटर्स बेसिलिका के बाद सबसे बड़ा कैथोलिक चर्च है और इसका क्षेत्रफल 12,000 वर्ग मीटर है। बेसिलिका की कीमत R$100.000.000 मिलियन (1995 में $50.000.000 मिलियन) थी।

बेसिलिका ऑफ़ द नेशनल श्राइन ऑफ़ आवर लेडी ऑफ़ अपरेसिडा | Syed Dabeer Hussain - RE

कंबोजा के अंगकोरवाट मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर माना जाता है और यह एशिया में सबसे प्रासंगिक वास्तुकला में से एक है। इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ था और यह सिएम रीप शहर में स्थित है। इसकी कीमत आंकी नहीं जा सकती क्योंकि, यह अमूल्य है।

अंगकोरवाट | Syed Dabeer Hussain - RE

सॉलोमन मंदिर 11वीं शताब्दी ईसा पूर्व में बनाया गया था। 2014 में, यूनिवर्सल चर्च ने दुनिया के सामने एक नया संस्करण पेश किया। इस इमारत की लागत $300,000,000 है और इसमें 10,000 सीटें हैं।

सोलोमन का मंदिर | Syed Dabeer Hussain - RE

यह दुनिया के सबसे महंगे चर्चों में से एक है। हालाँकि, न्यू यॉर्कर मैगज़ीन की मानें तो, कैथोलिक चर्च की कुल संपत्ति की गणना करना असंभव है। सेंट पीटर्स बेसिलिका और सिस्टिन चैपल का मूल्यांकन $1,000,000,000 का हुआ है।

सेंट पीटर्स बेसिलिका | Syed Dabeer Hussain - RE

नोट्रे डेम को पेरिस की सबसे प्रसिद्ध इमारतों में से एक के रूप में जाना जाता है और इसका निर्माण 1160 में हुआ था। इसकी बनने में लगी लागत $1.000.000.000 है।

नोट्रे डेम | Syed Dabeer Hussain - RE

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MP News | Zeeshan Mohd - RE

हरमंदिर साहिब को स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भारत के पंजाब में स्थित है और ये सोने से बना है। स्वर्ण मंदिर का निर्माण 1830 में महाराजा रणजीत सिंह ने करवाया था। इसको बनाने 162 किलोग्राम सोना लगा है। जिसकी कीमत लगभग 140 करोड़ (लगभग 340 मिलियन डॉलर) थी।

हरमंदिर साहिब | Syed Dabeer Hussain - RE

श्वेदागोन पगोडा की ऊंचाई 150 मीटर है, लेकिन इसकी समृद्धि और भी अधिक हो जाती है क्योंकि श्वेडागोन पगोडा सोने से ढका हुआ है। इसकी कीमत का अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन द कल्चर ट्रिप की मानें तो इसकी लागत लगभग 3 बिलियन है। यह म्यांमार में स्थित है।

श्वेदागोन पगोडा | Syed Dabeer Hussain - RE

ला सग्रादा फ़मिलिया, स्पेन के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। चर्च का निर्माण 1883 में शुरू हुआ था और इसका समापन 2026 में ही होगा। यह गणना करना असंभव है कि निर्माण लागत कितनी होगी। खासकर इसलिए क्योंकि यह स्पेन के सबसे महत्वपूर्ण प्रतीकों में से एक है।

ला सागरदा फ़िमिलिया | Syed Dabeer Hussain - RE

भारत के त्रिवेन्द्रम में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर, अब तक के सबसे भव्य मंदिरों में से एक है। यह इमारत 16वीं शताब्दी की है और यह हिंदू देवता भगवान विष्णु को समर्पित है। यह सोने का बना है। मंदिर में 22 अरब डॉलर का खजाना था, जो कम से कम 500 वर्षों तक वहां रहा।

पद्मनाभस्वामी मंदिर | Syed Dabeer Hussain - RE

मस्जिद अल-हरम न केवल सबसे महंगी धार्मिक इमारत है बल्कि दुनिया की सबसे महंगी इमारत है। टेलीग्राफ के अनुसार, सऊदी अरब के मक्का में स्थित इस उत्कृष्ट स्थान की कीमत 100 बिलियन डॉलर है। इसे ग्रैंड मस्जिद के नाम से जाना जाता है।

मस्जिद अल-हरम | Syed Dabeer Hussain - RE