जानिए छत्तीसगढ़ का वह मंदिर जहाँ होती है कुत्ते की पूजा

Deeksha Nandini

कुकुरदेव मंदिर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के खपरी गांव में स्थित है। यहाँ भगवान शंकर के साथ कुत्तों की पूजा की जाती है। कुत्ते की प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह में विराजमान है।

कुत्ते की प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह में विराजमान | Mohammed Asim -RE

इस ऐतिहासिक और पुरातत्वीय मंदिर का निर्माण नागवंशीय शासकों ने 14 वीं- 15 वीं शताब्दी में करवाया था। इस मंदिर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पूजा कर चुके है। यहाँ कुत्ते की पूजा करने के पीछे एक कहानी है।

सीएम बघेल ने किये कुकुरदेव मंदिर के दर्शन | Mohammed Asim -RE

मंदिर के गुंबद में नागों के चित्र बने है इसके साथ ही यहाँ के शिलालेखों पर बंजारों की बस्ती, चाँद-सूरज और तारों की आकृति मिलती है। हालांकि समय के साथ शिलालेख पर यह चित्र अब उतने उजागर दिखाई नहीं पड़ते।

मंदिर के शिलालेख पर बंजारों का वर्णन | Mohammed Asim -RE

एक बंजारा अपने परिवार के साथ एक गांव में रहने आया था उसके साथ उसका कुत्ता माली भी था। एक बार गांव में जब अकाल पड़ गया था तब बंजारे ने गांव के एक साहूकार के पास कुत्ता गिरवी रख दिया था और कुछ अनाज उधार ले लिया था।

बंजारे ने कुत्ते को रख गिरवी | Mohammed Asim -RE

एक दिन साहूकार के घर चोरी हो गई, चोरों ने चोरी किया हुआ सामान एक जगह जंगल में ले जाकर गाड़ दिया था यह सब कुत्ते ने देख लिया था और सुबह साहूकार को कुत्ते ने उस जगह ले जाकर इशारा किया और साहूकार को अपना सामान वापस मिल गया। साहूकार ने इससे खुश होकर कुत्ते के गले के एक पट्टे के साथ चिट्ठी में सारी बात लिखकर उसे उसके मालिक छोरी बंजारे के पास वापस भेज दिया था।

कुत्ते से खुश हुआ साहूकार | Mohammed Asim -RE

कुत्ता जब बंजारे के पास पंहुचा तो बंजारे को लगा की वह साहूकार के घर से भागकर आया है, इससे गुस्सा होकर बंजारे ने कुत्ते को मारना शुरू कर दिया, कुत्ता मालिक की मार सह नहीं पाया और उसने दम तोड़ दिया।

कुत्ता नहीं सह पाया बंजारे की मार | Mohammed Asim -RE

कुत्ते की मौत के बाद जब बंजारे की नजर उस चिट्ठी पर पड़ी और उसे जब पूरा घटनाक्रम समझ आया तब बंजारे की आँखों से आंशु नहीं रुके, उसके मृत कुत्ते को उठाया और उसे दफनाकर पछतावे स्वरुप वहां उसकी याद में स्मारक बनवा दिया। जिसके बाद से आज तक लोग वहां जाकर पूजा अर्चना करते है और कुत्तों के प्रति उदार भाव रखते है।

बंजारे ने बनवाया कुत्ते का स्मारक | Mohammed Asim -RE

मध्यप्रदेश का ऐसा महल जिसे सिर्फ एक रात ठहरने के लिए बनाया गया...

जहांगीर महल को बनाने में लगा 22 साल का समय | Mohammed Asim -RE