बच्‍चे की गलती पर पनिशमेंट देने की जगह अपनाकर देखें ये तरीके

Kavita Singh Rathore

जब बच्चे की पिटाई लगातार हो रही है तो बच्चे का शरीर इसके अनुकूल हो जाएगा और एक ऐसे पॉइंट पर पहुंच जाएगा, जहां उसे इस तरह की पनिशमेंट से डर नहीं लगेगा, लेकिन वास्तव में इसमें बच्‍चों का व्‍यवहार नकारात्‍मक रूप से प्रभावित होता है।

पिटाई के अनुकूल | Zeeshan - RE

अगर बच्‍चे ने कोई गलती की है, तो उसे इसके परिणामों से अवगत कराएं। इससे बच्‍चा कोई गलत फैसला लेने की नहीं सोचेगा। उसे प्‍यार से समझाएं।

परिणाम से कराएं अवगत | Zeeshan - RE

बच्चों को उनके सकारात्मक व्यवहार के लिए उन्हें शाबाशी दें। चाहें,तो उसे प्राइज के रूप में उसकी पसंदीदा चीज दे दें। ऐसा करके, आप उन्हें बता रहे हैं कि आपको उनका सकारात्मक व्यवहार अच्‍छा लगता है।

शाबाशी दें | Zeeshan - RE

बच्‍चा जब अकेला होता है, तो उसके दिमाग में कोई न कोई खुरापात चलती है। जिसके बाद वह न चाहते हुए भी गलती कर बैठता है। उसे मारपीट कर सुधारने के बजाय किसी काम में व्‍यस्‍त रखने की कोशिश करें।

व्‍यस्‍त रखें | Zeeshan - RE

बच्चे को जो सबसे ज्‍यादा पसंद है जैसे वीडियो गेम, मूवीज , खिलौने, उसका फायदा उठाना आपके बच्चे को अनुशासित करने का एक प्रभावी तरीका है। ऐसा करने से बच्चे को अपनी गलती पर पछतावा होगा और उनके व्यवहार पर भी इसका असर पड़ेगा।

फेवरेट चीज से फायदा उठाएं | Zeeshan - RE

अपने बच्चों को उन गलतियों के बारे में बताएं और उन्हें उनसे सीखने के लिए प्रेरित करें। ऐसा करने से वे खुद को ऐसी स्थितियों में पड़ने पर तैयार कर सकेंगे।

गलतियों से सिखाएं | Zeeshan - RE