जानिये अयोध्‍या राम मंदिर की रोचक बातें

Himanshu Singh

अयोध्‍या को भगवान श्री राम की जन्‍म भूमि माना जाता है। यहां भगवान श्री राम का भव्‍य मंदिर बनकर तैयार है। करीब 500 साल बाद राम लला मंदिर में विराजमान होंगे।

रामजन्मभूमि | Zeeshan Mohd- RE

सीतामढ़ी बिहार में है, ऐसी मान्‍यता है कि यहां पर माता सीता का जन्‍म हुआ था। यहां पुनौरा धाम मंदिर है। बताया जाता है कि यहां राजा जनक का महल हुआ करता था और उसी महल में माता सीता का बचपन बीता था।

सीतामढ़ी | Zeeshan Mohd- RE

वाराणसी की रामलीला पूरे देश भर में मशहूर है। ऐसी मान्यता है कि 14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान श्रीराम अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए काशी के अनेक स्थानों पर पहुंचे थे और उन्होंने काशी में 1 साल तक निवास किया था। वाराणसी को घाटों का शहर भी कहा जाता है।

वाराणसी | Zeeshan Mohd- RE

हम्पी के साथ एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है, स्थानीय लोगों और लोक कथाओं के अनुसार, इस क्षेत्र को रामायण में पौराणिक काल के समय किष्किन्दा वानर राज्य कहा जाता था और यह वही जगह है जहां राम और लक्ष्मण ने सीता की खोज करने के लिए इस स्थान पर रुके थे।

हम्पी | Zeeshan Mohd- RE

रामेश्वरम वह स्‍थान है, जहां से समुद्र के रास्‍ते भगवान राम अपनी वानर सेना के साथ लंका पहुंचे थे और रावण को मार कर सीता जी को वापस अयोध्‍या लेकर आए थे। इस जगह पर आज भी राम सेतु के प्रमाण हैं।

रामेश्वरम | Zeeshan Mohd- RE

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगा हुआ यह स्थान चित्रकूट है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम, सीता माता और लक्ष्मण ने वनवास के 14 वर्ष में से 11 साल चित्रकूट में बिताए थे।

चित्रकूट | Zeeshan Mohd- RE

महाराष्ट्र के नासिक में पंचवटी स्थित है। ऐसी मान्यता है कि रावण की बहन शूर्पनखा ने राम - लक्ष्मण से विवाह करने का प्रस्ताव रखा था और देवी सीता को मारने की कोशिश की थी।जिसके बाद लक्ष्मण ने शूर्पनखा की नाक काट दी थी। इसी बात का बदला लेने के लिए रावण ने सीता का हरण कर लिया था।

पंचवटी | Zeeshan Mohd- RE

कोडीकरई वह स्थान है जहां श्रीराम ने हनुमान और सुग्रीव से मिलने के बाद यहीं से अपनी सेना का गठन किया था। राम ने अपनी पहली सेना को कोडीकरई में एकत्रित किया था। इसी स्थान से राम की सेना ने समुद्र पार करने के लिए सर्वेक्षण किया था लेकिन पुल बनाने के लिए वह स्थान सही नहीं था। जिसके बाद राम जी की सेना ने रामेश्वरम जाने का फैसला लिया था।

कोडीकरई | Zeeshan Mohd- RE

यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल है भीमबेटका

भीमबेटका | Zeeshan Mohd