अगर आप दिल्ली में हैं तो इन स्थानों को देखने जरूर जाएं

Kavita Singh Rathore

इंडिया गेट प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों की याद में बनाया गया है। यहां प्रज्वलित जवान ज्योति के आसपास सभी शहीदों के नाम लिखे हुए हैं। यहां प्रज्वलित अमर जवान ज्योति सभी शहीद वीरों की दास्तान को दिन-रात, आँधी-तूफान के बीच, साल के हर एक दिन बयां करती है। साथ ही इसके आसपास आकर्षक बगीचा और पानी का कुण्ड है।

इंडिया गेट | Zeeshan - RE

कुतुब मीनार को कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा बनाया गया है। यह इमारत दिल्ली की ऊँची इमारतों में शुमार है। इसे ईरानी वास्तुकला का एक भव्य उदाहरण बताया जा सकता है। इसे यूनेस्को विश्व विरासत में भी शामिल किया गया है। इसके पास एक लौह स्तम्भ है जिस पर आज तक जंग नहीं लगी, यही इसकी ख़ासियत है।

कुटुब मीनार | Zeeshan - RE

राज घाट में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि है। जिसे 31 जनवरी 1948 को उनकी हत्या के बाद बनाया गया था। महात्मा गांधी की समाधि को देखने दूर दूर से लोग इस आते हैं।

राज घाट | Zeeshan - RE

राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय महात्मा गांधी को समर्पित है। इस संग्रहालय में महात्मा गांधी से जुड़ी कई पुरानी तस्वीरें , पत्र और अन्य कलाकृतियां है, जिनके माध्यम से गांधी के जीवन को दर्शाया गया है।

राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय | Zeeshan - RE

लोटस टेम्पल का आकार कमल के फूल जैसा है। यह एक उपासना स्थल है, लेकिन यहाँ आपको किसी भगवान की मूर्ती देखने को नहीं मिलेगी । इस स्थान की खासियत यह है कि, यहाँ हर धर्म के लोग आते हैं। इसे कमल का आकार इसलिए दिया गया है क्योंकि, कमल का फूल शांति व पवित्रता का प्रतीक है।

लोटस टेम्पल | Zeeshan - RE

लाल किला लाल बलुआ पत्थर से बना है। यह बहुत ही सुंदर होने के साथ ही आकर्षित करने वाला भी है। शाम के समय यहाँ का लाईट व साउंड शो होता है। यहां पारंपरिक हस्तशिल्प और सजावटी सामान, कृत्रिम गहने आदि देखने को मिलेंगे। इसके पास में ही मीना बाज़ार है।

लाल किला | Zeeshan - RE

जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी और पुरानी मस्जि़दों में से एक है। इसे शाहजहाँ शासनकाल के समय की सबसे प्राचीन इमारत माना जाता है। यहाँ ईद के मौके पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। जामा मस्जिद में प्रवेश के लिए टिकट नहीं लगता है, लेकिन कैमरा ले जाने पर आपको शुल्क देना होगा ।

जामा मस्जिद | Zeeshan - RE

नेशनल रेल म्यूज़ियम में पुरानी रेलों को विरासत के रूप में रखा गया है। हालांकि, इसमें कुछ टॉय ट्रेन भी है। यहां आपको डिज़ल व स्टीम इंजन से चलने वाली रेल भी देखने को मिलेंगी। यह स्थान बच्चों को काफी पसंद आएगा। यहाँ आकर आप अलग-अलग तरह की रेल की राईड कर सकते हैं।

नेशनल रेल म्यूज़ियम | Zeeshan - RE

पिंडदान करने के लिए सबसे उचित स्थान

पिंडदान करने के लिए सबसे उचित स्थान | Mohhamad Asim - RE