मुंशी प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ रचनाएं

gurjeet kaur

"गोदान" मुंशी प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ रचना में से एक है। 1936 में प्रकाशित यह उपन्यास प्रेमचंद की अंतिम रचना है। यह उपन्यास गांव की व्यवस्था, किसान की तड़प, ग्रामीण समाज की विसंगतियां, अंधविश्वास, उत्पीड़न और पीड़ा की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है।

गोदान | Zeeshan Mohd - RE

साल 1928 में पहली बार प्रकाशित मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित "गबन" उपन्यास काफी लोकप्रिय है। इस उपन्यास का मूल विषय महिलाओं का 'पति' के जीवन पर प्रभाव है।

गबन | Zeeshan Mohd - RE

"ईदगाह" मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी गई लोकप्रिय कहानियों में से एक है। यह कहानी स्कूली छात्रों ने हिंदी पाठ्यक्रम में जरूर पढ़ी होगी। मुंशी प्रेमचंद द्वारा उर्दू में लिखी गई इस कहानी का मुख्य किरदार हामिद नाम का अनाथ बालक है।

ईदगाह | Zeeshan Mohd - RE

मुंशी प्रेमचंद द्वारा साल 1927 में प्रकाशित "निर्मला" उपन्यास गोदान के सामान ही काफी लोकप्रिय है। महिला केंद्रित इस उपन्यास का इसका मूल विषय दहेज़ प्रथा और बेमेल विवाह है।

निर्मला | Zeeshan Mohd - RE

"सेवासदन" उपन्यास का प्रकाशन मुंशी प्रेमचंद ने 1916 में किया गया था। इसे प्रेमचंद द्वारा पहले उर्दू में लिखा गया था बाद में उन्होंने इसका हिंदी में अनुवाद किया। इसका विषय महिलाओं की समस्या, वेश्यागमन, सांप्रदायिक द्वेष आदि है।

सेवासदन | Zeeshan Mohd - RE

मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित "कफन" कहानियों का एक संकलन है। साल 1936 में इसे पहली बार प्रकाशित किया गया था। "कफन" में कुल 13 कहानियां हैं।

कफन | Zeeshan Mohd - RE

"प्रेमा" मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया पहला उपन्यास है। यह उपन्यास विधवा विवाह पर केंद्रित है। मूल रूप से उर्दू में लिखा गया था। इस उपन्यास में धार्मिक आडंबर और पाखंड को उजागर किया गया है।

प्रेमा | Zeeshan Mohd - RE

बदलाव और संघर्ष की महानगाथा है प्रेमचंद द्वारा रचित "रंगभूमि"। इसे पहली बार साल 1924 में प्रकाशित किया गया था। इस उपन्यास में पूंजीवाद से जनसंघर्ष की सम्पूर्ण गाथा है।

रंगभूमि | Zeeshan Mohd - RE

"प्रतिज्ञा" एक उपन्यास है जिसमें मुंशी प्रेमचंद ने विधवा विवाह और इससे जुड़ी समस्याओं का सजीव चित्रण किया है। साल 1904 में इसका प्रकाशन किया गया था।

प्रतिज्ञा | Zeeshan Mohd - RE

"पंच परमेश्वर" मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित कहानी है। इसका प्रकाशन साल 1916 में किया गया था। इसका मूल नाम पंचायत था लेकिन महावीर प्रसाद द्विवेदी ने इसका नाम पंच परमेश्वर रखा और इसी नाम से इसका प्रकाशन हुआ।

पंच परमेश्वर | Zeeshan Mohd - RE

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kishor Kumar Hit Songs | Zeeshan Mohd - RE