सरकारी बैंकों से 3 महीनों में सामने आए 20 हजार करोड़ की धोखाधड़ी के मामले

पिछले तीन महीनों के दौरान भारत के सरकारी बैंकों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस बात का खुलासा RTI ने किया है।
सरकारी बैंकों से 3 महीनों में सामने आए 20 हजार करोड़ की धोखाधड़ी के मामले
20 thousand crore fraud from government banks in three months Kavita Singh Rathore -RE

राज एक्सप्रेस। भारत में सरकारी बैंकों से धोखाधड़ी के मामले सामने आना बहुत आम बात हो गई है। पिछले कई सालों में बैंकों के साथ होने वाले कई ऐसे घोटाले और फ्राड के मामले भी सामने आये हैं, जिनमें बड़े बिजनेसमैन घोटाला करके भारत छोड़ कर ही भाग गए हों। वहीं, फिलहाल हम बात करते है बैंकों से होने वाली छोटी-मोटी धोखाधड़ी के बारे में, तो हम आपको बता दें, पिछले तीन महीनों के दौरान भारत के सरकारी बैंकों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस बात का खुलासा RTI ने किया है।

RTI का बड़ा खुलासा :

दरअसल, RTI द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, देश में पिछले 3 महीनों के दौरान भारत के 12 सरकारी बैंकों से 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान 19,964 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस धोखाधड़ी के तहत कुल 2,867 मामले सामने आए है। बैंक से होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में सर्वप्रथम स्थान भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का है। इन 3 महीनों में SBI से धोखाधड़ी के कुल 2,050 मामले सामने आए हैं, जिन के तहत बैंक को 2,325.88 करोड़ रुपये का चूना लगा है।

सबसे ज्यादा चपत लगी BoI को :

यदि इन बैंकों रूपये के हिसाब से देखा जाए तो सबसे ज्यादा कीमत की चपत बैंक ऑफ इंडिया (BoI) को लगी है। इन महीनों के दौरान बैंक ऑफ इंडिया को सबसे ज्यादा यानि 5,124.87 करोड़ रुपये की चपत लगी है। हालांकि, इस बैंक से धोखाधड़ी के मामले SBI की तुलना में कम यानि 47 है। यदि एक नजर भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्ब बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के आंकड़ों पर नजर डालें तो, आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 के दौरान बैंकों और वित्तीय संस्थानों में हुई धोखाधड़ी के मामलों में 28% का इजाफा हुआ हैं। जबकि कीमत के हिसाब से धोखाधड़ी में 159% की बढ़ोतरी हुई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष में धोखाधड़ी के कुल मामले 8,707 थे और राशि 1.85 लाख करोड़ रूपये थी।

धोखाधड़ी का पता लगाने में लगा समय :

RBI के अनुसार, साल 2019-20 के दौरान बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ हुई धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए रिजर्ब बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को औसत समय दो साल लगा । इससे साफ़ होता है कि, जिस महीने बैंक के साथ धोखाधड़ी हुई है। उस धोखाधड़ी के बारे में जानकारी बैंक को पता चलने में 24 महीने का समय लगा। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक रकम की धोखाधड़ी के मामले पकड़ने जाने में 63 महीने का समय लगा।

निम्न बैंकों से सामने आये लगभग 20 हजार करोड़ की धोखाधड़ी के निमलखित मामले :

धोखाधड़ी वाले बैंक धोखाधड़ी के मामले धोखाधड़ी की रकम

  • केनरा बैंक 33 3,885.26

  • बैंक ऑफ बड़ौदा 60 2,842.94

  • इंडियन बैंक 45 1,469.79

  • इंडियन ओवरसीज बैंक 37 1,207.65

  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र 9 1,140.37

  • पंजाब नेशनल बैंक 240 270.65

  • यूको बैंक 130 831.35

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 149 655.84

  • पंजाब एंड सिंध बैंक 18 163.3

  • यूनियन बैंक 49 46.52

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