किसान आंदोलन के बीच Jio के 2,000 टावर क्षतिग्रस्त, करोड़ों यूजर्स प्रभावित
2,000 Jio towers Damaged amid peasant movementSocial Media

किसान आंदोलन के बीच Jio के 2,000 टावर क्षतिग्रस्त, करोड़ों यूजर्स प्रभावित

किसान आंदोलन के बीच दूरसंचार के टावरों को बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त करने की खबर सामने आई है। जिससे करोड़ों मोबाइल यूजर्स प्रभावित हुए। इसका बुरा असर संपर्क सेवाओं पर भी पड़ा है।

पंजाब। देश में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। यह किसान पिछले 34 दिन से लगातार प्रदर्शन कर रहे है और आज 35 वां दिन है। इसी आंदोलन के बीच दूरसंचार के टावरों को बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त करने की खबर सामने आई है। जिससे करोड़ों मोबाइल यूजर्स प्रभावित हुए। इसका बुरा असर संपर्क सेवाओं पर भी पड़ा है। इन सब के बाद इस मामले में अब तक एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है।

मोबाइल टावरों को पहुंचाया नुकसान :

दरअसल, देश में जम कर किसान आंदोलन चलाया जा रहा है। इस आंदोलन के चलते पहले ही रेलवे सेवा ठप्प होने से रेलवे भरी नुकसान उठा चुका है। वहीं, अब यह नुकसान भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रिलायंस Jio को उठाना पड़ा है। क्योंकि, पंजाब में आंदोलन के दौरान लोगों ने रिलायंस Jio के लगभग 2,000 मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया है। लोगों ने मिलकर इन टावरों में तोड़फोड़ की। जिससे करीब डेढ़ करोड़ उपभोक्ता प्रभावित हुए। इतना ही नहीं इस मामले में अब तक कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि इसी बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चेतावनी जारी की।

मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद हरकत में आई पुलिस :

बताते चलें, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कल चेतावनी जारी की। जिसके बाद राज्य की पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तुरंत ही टावरों की सुरक्षा बढ़ा दी। साथ ही राज्य में संबंधित कंपनी के कर्मचारियों को अपनी देखरेख में मोबाइल टावरों को एक बार फिर सही करवाने में सहयोग देने के लिए विनती की। जिसके बाद इन टॉवरों को सही करने का काम किया जा रहा है। वहीं, इस टूटफूट के बाद भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने बताया कि, पंजाब में कुल 3.9 करोड़ मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोग हैं। जिन में से लगभग डेढ़ करोड़ यूजर्स रिलायंस जियो उपभोक्ता हैं।

COIA ने जताई चिंता :

बताते चलें, सेलुलर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COIA) ने भी मंगलवार को बताया कि, टावरों में तोड़फोड़ होने के बाद संपर्क व्यवस्था काफी बुरी तरह चरमरा गई। COIA ने इस बारे में चिंता जताई है। बता दें, COIA का काम रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन- आइडिया जैसी सभी टेलिकॉम कंपनियों की देख रेख करने वाला एसोसिएशन है। बताते चलें, हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि, देश में जारी इस आंदोलन के दौरान ही किसान रिलायंस Jio कंपनी का बहिष्कार करते नजर आरहे हैं।

रिलायंस Jio कर रह टॉवरों की मरम्मत :

रिलायंस Jio द्वारा टॉवरों में पिछले दिनों हुई तोड़फोड़ की मरम्मत पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है। खबरों की मानें तो, मंगलवार की शाम तक कुल 826 साइटें डाउन थीं। वहां Jio के लगभग नौ हजार टेलीकॉम टावर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2020 सितंबर में Jio के टावर संपत्ति का बड़ा हिस्सा कनाडा की ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी को बेच दिया था। यह डील 25,215 करोड़ रुपये में हुई थी।

गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री कैप्टन सिंह द्वारा जारी की गई चेतावनी और किसान संगठनों की अपील का कोई असर दिखाई नहीं दिया था। टेलीकॉम कंपनियों के एसोसिएशन COIA और टावर कंपनियों के संगठन, टावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर एसोसिएशन (TAIPA) भी पंजाब में टावर को नुकसान न पहुंचाने की अपील की थी। इसके बाद ही पंजाब मुख्यमंत्री ने सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी जारी की थी। हालांकि, तब भी यह तोड़फोड़ जारी रही।

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