देश में जारी किसान आंदोलन के चलते रेलवे को उठाना पड़ा करोड़ों का नुकसान
2400 crore loss to railways due to farmer movementSyed Dabeer Hussain - RE

देश में जारी किसान आंदोलन के चलते रेलवे को उठाना पड़ा करोड़ों का नुकसान

देश में जारी किसान आंदोलन के चलते रेलवे को हजारों यात्री ट्रेनें और हजारों मालगाड़ियां रद्द करनी पड़ीं। जिसके चलते रेलवे को करोड़ों का नुकसान भी उठाना पड़ा है।

राज एक्सप्रेस। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हितों के संरक्षण के लिए किसान बिल पेश किया गया था। जिसका विरोध देश के कई राज्यों में जम कर हो रहा था। इन्हीं राज्यों में पंजाब के किसान बड़े स्तर पर शामिल है। इस बिल के विरोध में पिछले कुछ समय से देश की राजधानी में जोरों से किसान आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी आंदोलन के चलते ही रेलवे को हजारों यात्री ट्रेनें और हजारों मालगाड़ियां रद्द करनी पड़ीं। जिसके चलते रेलवे को करोड़ों का नुकसान भी उठाना पड़ा है।

किसान आंदोलन के चलते रेलवे को करोड़ों का नुकसान :

दरअसल, देश में पिछले महीनों से लगातार चल रहे किसान आंदोलन के चलते रेलवे द्वारा लगभग 2,000 यात्री ट्रेनें और 3,000 से ज्यादा मालगाड़ियां रद्द की जा चुकी हैं। इस आंदोलन में शामिल प्रदर्शनों के कारण रेलवे को हर दिन मालभाड़े में लगभग 36 करोड़ रूपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है और अब तक रेलवे 2400 करोड़ रुपये का नुकसान उठा चुका है। खबरों के अनुसार, फिलहाल यहां ट्रेन सेवाएं अभी कुछ समय के लिए और निलंबित रहेंगी।

ब्यास और अमृतसर के बीच रेलवे सेवा ठप्प :

देश में किसान आंदोलन के चलते भारतीय रेलवे को अब तक 2400 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इतना ही नहीं वर्तमान में भी ब्यास और अमृतसर के बीच रेलवे का एक पूरा हिस्सा कई दिनों से ठप्प है। इस रस्ते के बंद होने के चलते सभी ट्रेनें तरणतारन से होकर गुजर रही हैं। बता दें, ट्रेनों को यह रास्ता लंबा पड़ने के साथ ही इसकी क्षमता भी कम है जिसके कारण इस रास्ते से बहुत कम ट्रेनें ही गुजर पाती हैं। यहीं कारण है कि, रेलवे को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधन ने बताया :

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधन आशुतोष गंगल ने शुक्रवार को बताया कि, 'ब्यास और अमृतसर के बीच रेलवे का एक पूरा हिस्सा कई दिनों से बंद है। इसके लिए गाड़ियों को तरणतारन होकर गुजारा जा रहा है। यह रास्ता लंबा है और इसकी क्षमता भी कम है जिस कारण कम ट्रेनें ही इस रास्ते से गुजर पा रही हैं। आंदोलन के कारण दो ट्रेनें रद्द की गई हैं और तीन को आधे रास्ते तक ही चलाया जा रहा है, वहीं सात ट्रेनें के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। आंदोलन की वजह से मालगाड़ियों का परिचालन भी प्रभावित हुआ है। 24 सितंबर से 24 नवंबर तक पंजाब में किसानों के प्रदर्शन के चलते ट्रेन सेवाएं बंद थीं।'

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