3 CAA officials dismissed in PIA fake license case
3 CAA officials dismissed in PIA fake license case|Syed Dabeer Hussain - RE
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PIA फर्जी लाइसेंस मामले में साथ देने वाले CAA के 3 अधिकारी बर्खास्त

पाकिस्तान: इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के फर्जी लाइसेंस घोटाले में साथ देने वाले CAA के तीन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

पाकिस्तान। पाकिस्ता की इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का नाम हाल ही में 150 पायलटों पर रोक लगाने के कारण सामने आया था। अब PIA एयरलाइंस का नाम एक बार फिर इसी मामले में सामने आया है। दरअसल, इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के फर्जी लाइसेंस घोटाले में साथ देने वाले CAA के तीन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। हालांकि, इस मामले में चार अधिकारियों का नाम सामने आया था, परंतु इनमे से चौथे कर्मचारी ने बर्खास्तगी के खिलाफ पहले ही कोर्ट से आदेश प्राप्त कर लिया है।

CAA के तीन अधिकारी बर्खास्त

दरअसल गुरुवार को पाकिस्तान के सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) के तीन अधिकारियों को देश की सरकारी विमानन कंपनी, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स (PIA) में फर्जी लाइसेंस मामले में साथ देने के लिए 3 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। खबरों के अनुसार, सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) के चौथे कर्मचारी ने उसे बर्खास्त किए जाने से पहले ही बर्खास्तगी के खिलाफ पहले ही कोर्ट से आदेश प्राप्त कर लिया है। पाकिस्तान में पायलट लाइसेंस से जुड़ा यह घोटाला कराची में 22 मई को हुए PIA के एक विमान हादसे से सामने आया था। इस हादसे में 97 यात्रियों की मौत हो गई थी।

उड्डयन मंत्री का बयान :

पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री गुलाम सरवर खान ने कई चौका देने वाला बयां देते हुए बताया था कि, PIA एयरलाइंस में कुल 860 पायलट हैं। जिनमें से 262 ऐसे हैं जो, बिना पायलट बनने की परीक्षा दिए ही पायलट बन गए हैं। यदि अनुमान लगाया जाये तो हर 3 पायलटों में से 1 फर्जी है। उन्होंने आगे बताया था कि, इन लोगों ने परीक्षा में अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति से परीक्षा दिला कर डिग्री हासिल की है। दरअसल, इस बात का खुलासा कराची प्लेन क्रैश की रिपोर्ट सामने आने पर हुआ।

रिपोर्ट सामने आने पर हुआ खुलासा :

22 मई को हुए कराची प्लेन क्रैश की रिपोर्ट सामने आने पर पता चला कि, PIA एयरलाइंस में पायलटों की नियुक्ति पॉलिटिकल प्रेशर और उनकी ही दखल से की जाती है। वहीं, साल 2019 की फरवरी में इस मामले की जांच शुरू हुई, तो खुलासा हुआ कि 262 पायलटों ने इस नौकरी की परीक्षा में अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को भेज कर एग्जाम दिलवाई होकर पायलट बने। इसलिए इनके पास जरूरी फ्लाइंग अनुभव नहीं था। प्रवक्ता ने बताया कि हमारी तरफ से नागरिक उड्डयन प्राधिकरण को बाकि के लाइसेंसों की सूची देने के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही हमें इसकी रिपोर्ट भी मिल गई है और हम इसमें बेहतर करने को लेकर काम कर रहे हैं। इन सभी फर्जी लाइसेंस वाले पायलटों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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