Abu Dhabi
Abu DhabiRaj Express

सुरक्षित माहौल और आसान कर प्रणाली की वजह से दुनियाभर के अमीरों की पहली पसंद बना अबू धाबी

दुनिया के अरबपतियों का अब चीन से मोहभंग होने लगा है। विदेशी कंपनियां जहां चीन की ओर से मुंह मोड़ रही हैं। वहीं अबू धाबी अरबपतियों की पहली पसंद बनकर उभरा है।

हाईलाइट्स

  • अबू धाबी में तेजी से बढ़ रही है अरबपति कारोबारियों की संख्या

  • अरबपति अबू धाबी में स्थापति कर रहे अपना कारोबार।

  • गगनचुंबी इमारतों वाला यह देश अरबपतियों की पहली पसंद बना।

राज एक्सप्रेस। दुनिया के अरबपतियों का अब चीन से मोहभंग होने लगा है। विदेशी कंपनियां जहां चीन की ओर से मुंह मोड़ रही हैं। वहीं अबू धाबी अरबपतियों की पहली पसंद बनकर उभरा है। हाल के दिनों में क्रिप्टो किंग झाओ चांगपेंग, हेज फंडिंग के उस्ताद रे डेलियो, रूसी स्टील मैग्नेट व्लादिमीर लिसिन जैसे कई बडे़ कारोबारियों ने अपनी संपत्ति अबू धाबी में ट्रांसफर कर दी है। हाल के दिनों में अबू धाबी अरबपतियों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है।

आपको याद होगा एक समय ऐसा था जब विदेशी कंपनियां चीन में अपना कारोबार बढ़ा रही थीं। लेकिन अब विदेशी कंपनियां चीन की एकतरफा नीतियों की वजह से वहां से निकल भागने में ही अपनी भलाई समझ रही हैं। दुनियाभर के अरबपतियों के लिए अब चीन पहली पसंद नहीं रहा है। अब अबू धाबी अरबपतियों की पहली पसंद बन गया है। पूरी दुनिया के अरबपति अपना कारोबार अबू धाबी में शिफ्ट कर रहे हैं। यह चीन के लिए एक बड़ा झटका है।

विदेशी निवेशकों के चीन छोड़ने से चीन के आर्थिक हालात खराब हो रहे हैं। आइए समझने का प्रयास करें कि आखिर वे कौन सी वजहें हैं, जिनकी वजह से दुनिया भर के कारोबारियों को अबू धाबी इतना पसंद आ रहा है। हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी के सबसे अमीर झाओ चांगपेंग, हेज फंड अरबपति रे डेलियो और रूसी स्टील मैग्नेट व्लादिमीर लिसिन ने अपनी संपत्ति संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में ट्रांसफर कर दी है। जिस तरह दुनिया भर के कारोबारी अबू धाबी की ओर रुख कर रहे हैं, उससे समझा जा सकता है कि गगनचुंबी इमारतों वाला यह देश अरबपतियों की पहली पसंद बन गया है।

आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर में अरबपतियों की बढ़ती संख्या इस साल अबू धाबी में स्पेशल पर्पज इंटिटी (एसपीई) स्थापित कर रही है। उल्लेखनीय है कि स्पेशल पर्पज इंटिटी या एसपीई किसी खास उद्देश्य को पूरा करने के लिए मूल कंपनी द्वारा बनाई गई एक सहायक कंपनी होती है। जिसे कारोबारी भाषा में होल्डिंग कंपनी भी कहा जाता है। एक अलग कंपनी के रूप में इसकी कानूनी स्थिति इसके दायित्वों को सुरक्षित बनाती है, वेल्थ एडवाइजरी फर्म के मुताबिक, साल 2016 में अबू धाबी में ऐसी कंपनियां 46 थीं। लेकिन इस समय इनकी संख्या बढ़कर 5,000 से ज्यादा हो गई है।

हाल के दिनों में अबू धाबी अरबपतियों के लिए स्वर्ग का रूप ले चुका है। इन दिनों में अबू धाबी में जिस गति से अरबपतियों की संख्या बढ़ रही है, उसे देख कर समझा जा सकता है कि यह स्थान कारोबारी गतिविधियों का नया केंद्र बनकर उभरने वाला है। इस बात की पुष्टि इस तथ्य से भी होती है कि यूएई 2023 में ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, संयुक्त राज्य अमेरिका और स्विट्जरलैंड के साथ एचएनडब्ल्यूआई के नेट इनफ्लो के लिए टॉप पांच डेस्टिनेशनस में से एक बनकर उभरा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 4,500 अरबपतियों ने अपनी संपत्ति संयुक्त अरब अमीरात में स्थानांतरित कर ली है। हाल ही में 5 दिसंबर को, करीब 7.6 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ, मिस्र के सबसे धनी व्यक्ति नासेफ सविरिस ने अपना फैमिली ऑफिस अबू धाबी में ट्रांसफर किया है। रूस के बड़े कारोबारी व्लादिमीर लिसिन ने भी 23 बिलियन डालर संपत्ति अबू धाबी के लिए ट्रांसफर कर दी है।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस वाट्सऐप चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। वाट्सऐप पर Raj Express के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।

Related Stories

No stories found.
logo
Raj Express | Top Hindi News, Trending, Latest Viral News, Breaking News
www.rajexpress.co