लोकलसर्किल्स सर्वे में खुलासा, पेट्रोल-डीजल के चलते खर्चों में हो रही कटौती
लोकलसर्किल्स सर्वे में खुलासा, पेट्रोल-डीजल के चलते खर्चों में हो रही कटौतीSyed Dabeer Hussain - RE

लोकलसर्किल्स सर्वे में खुलासा, पेट्रोल-डीजल के चलते खर्चों में हो रही कटौती

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की भरपाई के लिए 51% लोग अन्य खर्चों में कटौती कर रहे हैं। इस बारे में खुलासा लोकलसर्किल्स के एक सर्वे में हुआ है।

राज एक्सप्रेस। आज देशवासियों के लिए सबसे बड़ी समस्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें ही बनती जा रही हैं। क्योंकि, देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार अंधाधुन बढ़ती ही चली जा रही हैं। इस प्रकार यदि देखा जाए तो, ये साल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के चलते कुछ ज्यादा ही महंगा साबित हो रहा है। एक तो पहले ही देश में आर्थिक मंदी छाई हुई है ऊपर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की भरपाई के लिए 51% लोग अन्य खर्चों में कटौती कर रहे हैं। इस बारे में खुलासा लोकलसर्किल्स के एक सर्वे में हुआ है।

लोकलसर्किल्स का सर्वे :

दरअसल, देश में एक लोकलसर्किल्स का सर्वे किया गया। इस सर्वे में बहुत से लोग शामिल हुए। जिसमें अलग-अलग लोगों ने अपनी बात रखी। शामिल हुए लोगों में शामिल लोगों के विचार -

  • 21% लोगों ने बताया है कि, 'वे पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की भरपाई के लिए आवश्यक वस्तुओं पर खर्च में कटौती कर रहे हैं।'

  • 14% लोगों ने बताया है कि, 'उन्हें अपनी सेविंग्स में कटौती करनी पड़ रही है।'

  • 43% लोगों ने बताया है कि, 'कम घूमने, वर्क फ्रॉम होम या अन्य कारणों से उनका पेट्रोल या डीजल का मासिक बिल पहले के मुकाबले कम है।'

  • 2% लोगों ने बताया है कि, 'वे पेट्रोल-डीजल पर कोई पैसा खर्च नहीं करते हैं।'

दूसरे सवाल के जवाब में लोगों का उत्तर :

एक दूसरे सवाल के जवाब में

  • 32% लोगों ने कहा कि, 'राज्य सरकारों को बेस प्राइस पर प्रतिशत के बजाए संपूर्ण वैल्यू के आधार पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) लेना चाहिए।'

  • 47% लोगों ने कहा कि, 'राज्य सरकारों को वैट में कटौती करनी चाहिए।'

  • 8%लोगों ने कहा कि, 'वैट का मौजूदा मॉडल अच्छा है।'

राज्य सरकारों को एक्शन लेने के सवाल पर लोगों के जवाब :

जब इस सर्वे में सवाल पूछा गया कि, क्या सरकार को इस मामले में एक्शन लेना चहिए तब सर्वे में शामिल 79% लोगों ने कहा कि, 'राज्य सरकारों को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। इसके लिए वैट में कटौती की जाए या फिर संपूर्ण मूल्य पर लेवी ली जाए। बेस प्राइस पर प्रतिशत के हिसाब से वैट लगाने के बजाए संपूर्ण मूल्य पर लेवी से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा इससे भविष्य में पेट्रोल-डीजल के बेस प्राइस में बढ़ोतरी से भी कीमतों में कमी रहेगी।'

291 जिलों में हुआ ये सर्वे :

बताते चलें, पिछले साल क्रूड आयल की कीमतें गिरने के बावजूद भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बड़ी है और नए साल में तो जैसे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग ही लग गई है। इस नाडी कीमतों के चलते आई मुसीबत का लोग कैसे सामना कर रहे हैं। इस बात का पता लगाने के लिए एक लोकलसर्किल्स सर्वे किया गया। जो कि देश के 291 जिलों में किया गया है। सर्वे में 22 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। जिनसे सवाल-जवाब किए गए थे।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

AD
No stories found.
Raj Express
www.rajexpress.co