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RBI के निर्देश के बाद बैंक व NBFC ने फिनटेक पार्टनर्स से कहा छोटे कर्जों पर लगाएं अंकुश

आरबीआई ने हाल ही में अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती करने के निर्देश दिए है। इसके बाद से बैंक और गैर बैंकिंग फाइनैंस कंपनियां ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

हाईलाइट्स

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं।

  • इसके बाद बैंक और एनबीएफसी ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

  • पेटीएम ने 50,000 रुपये से कम के कर्ज देने में कटौती करने का ऐलान किय़ा है।

राज एक्सप्रेस । भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती करने के निर्देश दिए है। इसके बाद से बैंक और गैर बैंकिंग फाइनैंस कंपनियां (एनबीएफसी) ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। उन्होंने अपने फिनटेक पार्टनर्स से छोटे पर्सनल लोन में कटौती करने को कहा है। आरबीआई के फैसले के बाद सबसे पहला कदम वन97 कम्युनिकेशन्स के स्वामित्व वाले पेटीएम ने उठाया है।

पेटीएम ने 50,000 रुपये से कम के कर्ज देने में कटौती करने का ऐलान किय़ा है। पेटीएम ने कहा है कि वह 50,000 रुपये से ज्यादा के लोन के लिए ‘अच्छी मांग’ की उम्मीद करते हुए, कम रिस्क वाले और हाई क्रेडिट-योग्य ग्राहकों के लिए लोन अमाउंट और कमर्शियल लोन के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी। वह ऐसा करने के लिए बड़े बैंकों और गैर-बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ पार्टनरशिप करेगी।

पेटीएम के पास लोन देने के लिए पार्टनर के रूप में सात एनबीएफसी हैं। कंपनी ने कहा कि वह एक बैंकिंग पार्टनर और दो एनबीएफसी पार्टनर और जोड़ने का प्रयास कर रहा है। लगभग एक दर्जन फिनटेक को लोन देने वाले एक प्राइवेट सेक्टर बैंक ने कहा आरबीआई ओर से स्पष्ट संकेत है, इसलिए हमें इस पर अमल करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा हमने अपने फिनटेक पार्टनर्स को बता दिया है कि हम 50,000 रुपये से कम लोन नहीं देना चाहते हैं।

पेटीएम के अलावा, कई छोटी फिनटेक कंपनियों ने छोटे-छोटे पर्सनल लोन के लिए बैंकों और एनबीएफसी के साथ पार्टनरशिप की है। लेकिन अब यह सुविधा प्रभावित होने वाली है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों और एनबीएफसी के लिए जोखिम वेटेज 25 प्रतिशत अंक बढ़ा दिया है। इस बीच, केंद्रीय बैंक पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए मानदंडों को कड़ा करने पर विचार कर रहा है, ताकि इसके बदले में लोन लेने की संख्या में कमी आ सके।

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