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Google & Alphabet New CEO Sundar Pichai
Google & Alphabet New CEO Sundar Pichai |Kavita Singh Rathore -RE
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अब सुंदर पिचई संभालेंगे गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट की भागदौड़

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल गूगल और उसकी ही पैरेंट कंपनी एल्फाबेट का CEO बनना एक भारतीय नागरिक के लिए बहुत ही बड़ी उपलब्धि है और यह उपलब्धि अब सुन्दर पिचई ने हासिल कर ली है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • सुंदर पिचई अब संभालेंगे गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट की भागदौड़

  • लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने छोड़ा अपना CEO पद

  • पेज और ब्रिन ने की पिचई के नेतृत्व की तारीफ

  • सुन्दर पिचई ने कार्य के प्रति भावनाएं व्यक्त की और धन्यवाद दिया

राज एक्सप्रेस। कई सालों से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल गूगल (Google) के CEO का पद संभालने वाले भारतीय मूल के सुन्दर पिचई को प्रोमशन मिल गया है क्योंकि, अब गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट में CEO का पद भी सुन्दर पिचई ही संभालेंगे। इसके अलावा सुंदर पिचई अब दुनिया के सबसे पावरफुल लीडर्स की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। दूसरी तरफ 21 साल तक सिलिकॉन वैली कंपनी का CEO पद सँभालने वाले लैरी पेज ने अपना पद छोड़ने का फैसला ले लिया है। इसी के साथ गूगल के को फाउंडर्स लैरी पेज और सर्गे ब्रिन ने एल्फाबेट कंपनी से अपना पद छोड़ने की भी घोषणा की है।

लैरी पेज की घोषणा :

सिलिकॉन वैली की कंपनी का CEO पद सँभालने वाले लैरी पेज ने पद छोड़ने से जुड़ी घोषणा के साथ ही इसमें कई बड़े बदलाव करने की भी घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि, अपने कर्मचारियों को एक पत्र लिख कर दी। बताते चलें कि, इस पत्र में पिचई का बयान भी शामिल है। पिचई ने अपने बयान में कहा है कि, 'इन बदलावों से एल्फाबेट कंपनी के क्रियाकलापों और काम में कोई असर नहीं पड़ेगा।' साथ ही उन्होंने गूगल में कार्य के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की और धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा,

‘मैं गूगल पर अपना ध्यान केंद्रित करता रहूंगा और साथ ही कम्प्यूटिंग के दायरे को बढ़ाने और गूगल को हर किसी के लिए अधिक मददगार बनाने के अपने काम को करता रहूंगा। इसके साथ ही मैं एल्फाबेट और टेक्नॉलजी के जरिए बड़ी चुनौतियों से निपटने के उसके दीर्घकालिक उद्देश्य को लेकर उत्साहित हूं।’

सुन्दर पिचई, CEO, गूगल

सुन्दर पिचई का कार्यकाल :

  • सुन्दर पिचई पहली बार साल 2004 में गूगल आए थे। कुछ ही समय में वह Google Drive, Gmail और Google Map जैसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बन गए।

  • इसके बाद 19 नवम्बर 2009 को उन्होंने Chrome ऑपरेटिंग सिस्टम और क्रोमबूक आदि जैसे प्रोजेक्ट की टेस्टिंग कर दिखाई हालांकि उन्होंने इन्हे 2011 में सार्वजनिक किया था और जनता के बीच इसे 2012 में जारी किया गया था।

  • 20 मई 2010 को उन्होंने Google द्वारा नए वीडियो कोडेक VP8 के ओपन-सोर्सिंग की घोषणा की और नए वीडियो प्रारूप, वेबएम की शुरुआत की।

  • सुन्दर पिचाई अप्रैल 2011 में Jive Software के डॉयरेक्टर बने और उन्होंने यह पद 30 जुलाई 2013 तक संभाला।

  • 13 मार्च 2013 में पिचई ने एंड्रॉइड पर कार्य करना शुरू किया। हालांकि उनसे पहले एंड्रॉइड को एंडी रूबिन द्वारा मैनेज किया गया था।

  • साल 2014 में सुन्दर पिचई का नाम माइक्रोसॉफ्ट के CEO पद सँभालने के लिए सजेस्ट किया गया था, लेकिन अंत में यह पद सत्य नडेला को दे दिया गया था।

  • 10 अगस्त, 2015 को पहले CEO लैरी पेज द्वारा Product Head नियुक्त किए जाने के बाद Google का अगला CEO बनने का सौभाग्य मिला।

  • 24 अक्टूबर, 2015 को पिचई Google कंपनी की पेरेंटिंग कंपनी अल्फाबेट इंक के गठन के पूरा होने पर इससे जुड़े।

  • अगस्त 2017 में उन्होंने चीन में विश्व इंटरनेट सम्मेलन में एक वक्ता के तौर पर भाग लिया था।

पिचई के नेतृत्व की तारीफ :

सुन्दर पिचई ने गूगल का CEO पद (सँभालने से लेकर आज तक) बखूबी निभाने को देखते हुए पेज और ब्रिन ने उनकी सराहना करते हुए पिचई के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि,

'भारतीय-अमेरिकी CEO हर दिन अपने कस्टमर्स, पार्टनर्स और वर्कर्स में टेक्नोलॉजी को लेकर एक गहरा जुनून पैदा करते हैं। जब हम सोचते हैं कि, कंपनी को चलाने का बेहतर तरीका है तो हम कभी भी अपने आप को प्रबंधन की भूमिका से बांध कर नहीं रखते। एल्फाबेट और गूगल को दो CEO की जरूरत नहीं है, इन दोनों में CEO पद अकेले सुंदर संभाल लेंगे। उनके पास अब कार्यकारी जिम्मेदारी होगी।’

पेज और ब्रिन

एल्फाबेट के साथ किया 15 साल काम :

पेज और ब्रिन ने जानकारी देते हुए बताया कि, सुंदर पिचई ने गूगल का CEO पद सँभालते हुए भी एल्फाबेट कंपनी की स्थापना के समय से अभी तक 15 साल एल्फाबेट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य के तौर पर हमारे साथ निकटता से कार्य किया है। इसके अलावा उन्होंने सुन्दर पिचई के प्रति भरोसा दिखते हुए बताया कि, एल्फाबेट की स्थापना से लेकर आज तक हमें जितना भरोसा सुन्दर पिचई पर रहा है उतना भरोसा किसी और पर कभी नहीं रहा। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि, पिचई के अलावा कोई भी गूगल और एल्फाबेट का अच्छे तरीके से नेतृत्व नहीं कर सकता।’

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