मेहुल चोकसी बना डोमिनिका की समस्या, भेजा जा सकता है भारत
मेहुल चोकसी बना डोमिनिका की समस्या, भेजा जा सकता है भारतSocial Media

मेहुल चोकसी बना डोमिनिका की समस्या, भेजा जा सकता है भारत

CBI, ED की टीम चोकसी को भारत लाने के लिए डोमिनिका पहुंची थी। 2 जून को हुई सुनवाई में डोमिनिका कोर्ट ने इस मामले में अभी सुनवाई टाल दी। जिसके कारण भारत का प्रयास असफल रहा।

राज एक्सप्रेस। भारत में हुए बड़े बैंक घोटालों में शुमार पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का घोटाला सबको याद ही होगा। इस घोटाले को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का नाम शामिल है। इनमें से भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बना हुआ है। चोकसी का मामला उसके एंटीगुआ और बारबुडा से लापता होने से शुरू हुआ था। हालांकि, 2 ही दिनों में वह डोमिनिका से पकड़ा गया। उसके बाद बाद से वह लगातार सुर्ख़ियों में ही है।

भारत का प्रयास असफल :

दरअसल, मेहुल चोकसी 25 मई को एंटीगुआ और बारबुडा से लापता हो गया था। उसके बाद वह 2 ही दिनों यानी 27 मई को डोमिनिका से पकड़ा गया। उसके बाद उसे एक दिन सरकारी क्वारंटीन सेंटर में रखने के बाद अस्पताल भेज दिया गया है। इस मामले में वहां 2 जून को सुनवाई होनी थी। इस सुनवाई से पहले भारत की केंद्रीय एजेंसियों (CBI) की छह सदस्यीय टीम डोमिनिका में मौजूद रही। बता दें, इस CBI, ED अधिकारियों की टीम का नेतृत्व CBI अधिकारी शारदा राउत कर रही हैं। यह टीम चोकसी को भारत लाने के लिए वहां पहुंची थी। 2 जून को हुई सुनवाई में डोमिनिका कोर्ट ने इस मामले में अभी सुनवाई टाल दी। जिसके कारण भारत का प्रयास असफल रहा।

एंटीगुआ एंड बरबुडा के पीएम का पोस्ट :

एंटीगुआ एंड बरबुडा के पीएम गेस्टन ब्राउन ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि, 'मंत्रिमंडल ने चोकसी के मामले पर चर्चा की और कहा कि, चोकसी अब डोमिनिका की समस्या बन गया है। अगर वह वापस एंटीगुआ आते हैं तो समस्या हमारे लिए होगी। इसलिए बेहतर होगा कि चोकसी को डोमिनिका से भारत ही भेज दिया जाए।' हालांकि, ब्राउन पहले ही कई बार चोकसी को भारत भेजने की बात कह चुके हैं। वहीं, वह एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए नजर आये। इस बार उन्होंने अपनी बात कहने के लिए फेसबुक का सहारा लिया है।

बिना चोकसी के वापस लौटे विमान :

बताते चलें, भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यपर्ण में अभी कुछ समय लग सकता है क्योंकि, फिलहाल सुनवाई टाल दी गई है। हालांकि, एंटीगुआ और बारबुडा की सरकार चाहती है कि, मेहुल चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत भेजा जाए। यही फैसला कैरेबियाई द्वीप देश की कैबिनेट ने एक बैठक के दौरान भी लिया गया है। उधर भारत सरकार मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण के लिए पूरी कोशिशों में जुटी है। भारत की कोशिशों के तहत उसे वापस लाने के लिए कतर एयरवेज का बॉम्बार्डियर ग्लोबल जेट 500 को भेजा गया है। बता दें, उसका मात्र एक घंटे का किराया 9 लाख रुपए है। इस प्लेन के एंटीगुआ जाने का खर्चा 1.35 करोड़ से 1.43 करोड़ के बीच आया, लेकिन इन्हें खालीहाथ ही वापस आना पड़ा।

भारत को कोर्ट में क्या करना है साबित :

बताते चलें, CBI औरED के अधिकारयों को कोर्ट में मेहुल चोकसी के अभी भी भारतीय नागरिक होने की बात साबित करना होगी। साथ ही कोर्ट को यह भी बताना होगा कि, उसकी नागरिकता अभी तक खत्म नहीं हुई है। क्योंकि एंटीगा में आकर रहने से पहले चोकसी ने नागरिकता छोड़ने के लिए होने वाली जरूरी कागजी कार्रवाई को पूरा नहीं किया है। खबरों की मानें तो, भारतीय अधिकारी पूरी कागजी तैयारी के साथ डोमिनिका गए हैं। उनके पास चोकसी का भारत का आधार, पैन कार्ड, राशन कार्ड भी है। जिससे वह चोकसी के अभी भी भारतीय नागिरक होने की बात को साबित कर सकेंगे। ये सभी दस्तावेज कोर्ट में फाइल किए जाएंगे।

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