बजाज फाइनेंस ने जारी किए दूसरी तिमाही के आंकड़े

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनी बजाज फाइनेंस ने अपने दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं। जिसके मुताबिक कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा।
बजाज फाइनेंस ने जारी किए दूसरी तिमाही के आंकड़े
Bajaj Finance released second quarter figuresSyed Dabeer Hussain - RE

राज एक्सप्रेस। भारत में कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के कारण कई कंपनियों के आर्थिक हालत काफी बिगड़ गए हैं। इस दौरान कई कंपनियों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। हालांकि, अब कंपनियां पटरी पर आती नजर आ रही हैं। इस बात का अनुमान कंपनियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से लगाया जा सकता है। ऐसे ही अब नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनी बजाज फाइनेंस ने अपने दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं। जिसके मुताबिक कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा।

बजाज फाइनेंस को हुआ घाटा :

दरअसल, बजाज फाइनेंस कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं। जिसके अनुसार, सितंबर तिमाही में कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी के मुनाफे में 36% की कमी आई है। कंपनी का मुनाफा (कंसोलिडेटेड मुनाफा) घटकर 965 करोड़ रुपए रह गया है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 1,506 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। बताते चलें, कंसोलिडेटेड अर्निंग में बजाज हाउसिंग फाइनेंस और बजाज फाइनेंशियल सिक्युरिटीज के भी नतीजे शामिल हैं।

कंपनी की नेट इंट्रेस्ट इनकम :

कंपनी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल की सितंबर तिमाही में बजाज फाइनेंस कंपनी की नेट इंट्रेस्ट इनकम (NII) में 4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। कंपनी की नेट इंट्रेस्ट इनकम बढ़ कर 4,165 करोड़ रुपए हो गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 4 हजार करोड़ रुपए रही थी। वहीं, कंपनी की असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी सालाना आधार पर 1.15% की बढ़ोतरी हुई है, यह बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपए हो गई है।

बजाज फाइनेंस का लोन :

बजाज फाइनेंस ने दूसरी तिमाही में 36 लाख नए लोन दिए हैं, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने 64.7 लाख का लोन दिया था ,इस हिसाब से कंपनी ने मात्र पिछले साल का आधा ही लोन दिया है। लोन डिस्बर्समेंट और नए कस्टमर्स के टर्म में कंपनी का बिजनेस वॉल्यूम सालाना आधार पर 50–60 फीसदी के ही लेवल पर ही पंहुचा। वहीं, पिछले साल की दूसरी तिमाही की तुलना में लोन डिस्बर्स में भी 45% की कमी आई है। जबकि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बजाज फाइनेंस की न्यू लोनबुक 17 लाख तक ही पहुंची थी।

बजाज फाइनेंस का ग्रॉस NPA :

तिमाही के आधार पर बजाज फाइनेंस की दूसरी तिमाही में कंपनी का ग्रॉस NPA 1.4% से घटकर 1.03% रह गया है। जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1.61% का था। कंपनी के नेट NPA में भी 0.65% की गिरावट दर्ज की गई है और यह 0.37% हो गया है। वहीं, कंपनी का कर्ज दूसरी तिमाही में घट कर 1700 करोड़ रुपए रह गया है, जो पिछले साल 594 करोड़ रुपए था।

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