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RCom Property Bidders
RCom Property Bidders |Kavita Singh Rathore -RE
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RCom के बोलीदाताओं में एयरटेल और इंफ्राटेल सहित कई कम्पनियां शामिल

दिवालिया कम्पनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) की संपत्ति के बोलीदाताओं में एयरटेल और इंफ्राटेल सहित कई अन्य कम्पनियां भी शामिल हुईं। वहीँ बोलीदाताओं की इस लिस्ट में दूर-दूर तक नहीं था Jio कंपनी का नाम।

Kavita Singh Rathore

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हाइलाइट्स :

  • RCom और इसकी यूनिट्स की बोली लगाई गई

  • Airtel और Infratel सहित कई कम्पनियां इंट्रेस्टेड

  • 13 नवंबर को खुलेंगी बोलिया

  • कुल संपत्ति में टॉवर, फाइबर और स्पेक्ट्रम शामिल

राज एक्सप्रेस। टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और इसकी यूनिट्स रिलायंस टेलीकॉम (RTL) और रिलायंस इंफ्राटेल के दिवालिया हो जाने के बाद इन कंपनियों की संपत्ति की बोली लगाई गई, जिसमे भारतीय एयरटेल (Airtel), भारती इंफ्राटेल (Infratel) और प्राइवेट इक्विटी कंपनी वर्दे पार्टनर्स के अलावा अन्य छह कंपनियों ने हिस्सा लिया। हालांकि इस बोली के दौरान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) कहीं दिखाई नहीं दी।

Jio कंपनी की मांग :

इस बोली के चलते मुकेश अंबानी की कंपनी Jio ने RCom के रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ( RP) से अपनी बोलियां जमा करने की तारीख को आगे बढ़ाने की मांग की है, फिलहाल यह तारीख 11 नवंबर थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। Jio कंपनी द्वारा इस समय सीमा को 10 दिन के लिए और बढ़ाने की मांग की गई है। फिलहाल बोलियां बंद हो चुकी हैं, अब RCom को कर्ज देने वालों की समिति 13 नवंबर को यह बोलिया खोलेगी।

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के निर्देश :

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा रिज़ॉल्यूशन पेशेवर डेलॉयट को RCom और उसकी दो यूनिट्स की देखरेख करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा 10 जनवरी, 2020 तक परिसंपत्तियों की बिक्री को समाप्त करने के भी निर्देश दिए थे। जानकारी के लिए बता दें कि इसी साल पहले इन बोलियों के लिए Jio और कुछ अन्य कंपनियों ने भी अपनी रूचि दिखाई थी।

कंपनी की कुल संपत्ति :

RCom और उसकी यूनिट्स पर जल कर्ज 46,000 करोड़ रुपये के आसपास है। वर्तमान इस कंपनी संपत्ति की बिक्री के लिए बोलियों का सामना कर रही है, इस प्रक्रिया द्वारा बैंक अपना कर्ज वसूलने में लगे हुए है। RCom की संपत्ति में 43,000 टेलीकॉम टॉवर, फाइबर और भारत के 22 टेलीकॉम सर्किलों में से 14 में स्पेक्ट्रम शामिल है।

बकाया राशि :

दिवालिया टेलीकॉम कंपनी RCom अन्य बकाया राशि के लिए कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रही है। वहीँ RCom कंपनी द्वारा इससे पहले अपने कुछ ऑप्टिक फाइबर और कुछ संपत्तियों को 3,000 करोड़ रुपये में और मीडिया कन्वर्सेशन नोड्स और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्टर को 2,000 करोड़ रुपये में Jio को बेच दिया था।

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