UP में बनने जा रहा जेवर से बड़ा एयरपोर्ट, मामले में प्रस्ताव जारी
UP में बनने जा रहा जेवर से बड़ा एयरपोर्ट, मामले में प्रस्ताव जारीSocial Media

UP में बनने जा रहा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जेवर से भी होगा बड़ा, मामले में प्रस्ताव जारी

आज उत्तर प्रदेश का नाम तेजी से तरक्की कर रहे राज्यों में है। अब इसका प्रमाण भी जल्द ही मिलने वाला है क्योंकि, उत्तर प्रदेश में अब देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला है, जो जेवर से भी बड़ा होगा।

उत्तर प्रदेश, भारत। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से कई बड़े फैसले लिए जा चुके हैं। यदि पिछले कुछ सालों में देंखे तो उत्तर प्रदेश की काया ही पलट चुकी है। एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश को पिछड़े हुए राज्य के तौर पर देखा जाता था, लेकिन आज भारत के काफी तेजी से तरक्की करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश की गिनती होती है। वहीं, अब इसका प्रमाण भी जल्द ही मिलने वाला है क्योंकि, उत्तर प्रदेश में अब देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला है, जो जेवर से भी बड़ा होगा।

UP में बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट :

दरअसल, आज उत्तर प्रदेश में बहुत सी ऐसी चीजे हो रहीं है, जो अन्य कई राज्यों में अब तक नहीं हुई है। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फ़िलहाल नोएडा के पास जेवर में बन रहा है, लेकिन योजना इससे भी बड़ा एयरपोर्ट बनाने की है। जो कि, उन्नाव के नवाबगंज में बनाया जाएगा। नवाबगंज में बनने वाला एयरपोर्ट जेवर से भी बड़ा इंटरनेशनल एरयपोर्ट होगा। इसके निर्माण के लिए शासन के निर्देश पर प्रस्ताव भी जारी कर दिया गया है।

10 हजार एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी :

बताते चलें, शासन द्वारा दिए गए निर्देश पर KDA ने राज्य राजधानी क्षेत्र के तहत जो कांसेप्ट प्लान तैयार किया है, उसके मुताबिक, 'नवाबगंज पक्षी विहार से एयरपोर्ट की न्यूनतम दूरी 5 किलोमीटर रखी है ताकि पक्षियों के हैबीटाट पर कोई असर न पड़े। इसे दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर ल तैयार किया जाएगा। जो लखनऊ-कानपुर राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में तीन और शहरों सीतापुर, रायबरेली और हरदोई को भी शामिल करेगा। हालांकि, अब तक लखनऊ और कानपुर के अलावा उन्नाव और बाराबंकी शहर ही शामिल थे। KDA की नामित एजेंसी ने इसके लिए सर्वे करके अपनी रिपोर्ट भी जारी कर दी है। इसमें सबसे अहम प्रस्ताव नवाबगंज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है। इसके लिए कम से कम 10 हजार एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। जो चिह्नित करना शुरू की जा चुकी है।

केडीए उपाध्यक्ष ने दी जानकारी :

इस मामले में केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने जानकारी दी है कि, 'इसे तैयार करने में लगभग 9 महीने लगे हैं। नवाबगंज के पास इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि अमौसी एयरपोर्ट का विस्तार अब और नहीं हो सकता। आबादी लगातार बढ़ रही है। इस एयरपोर्ट का फायदा न सिर्फ राज्य राजधानी क्षेत्र बल्कि बुंदेलखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहरों, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश तक के लोगों को मिलेगा।'

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