BMW will remove contract based employees
BMW will remove contract based employees |Kavita Singh Rathore -RE
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BMW पर भी टूटा कोरोना का कहर, लिया बड़ा फैसला

कोरोना जैसे महासंकट लगभग सभी कंपनियों के लिए काल बन कर ही आया है। ऐसे में कई कंपनियों के बाद अब BMW कंपनी ने भी अपनी उत्पादन क्षमता को कम करने के चलते कर्मचारियों से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है।

Kavita Singh Rathore

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राज एक्सप्रेस। कोवीड-19 के चलते हुए लॉकडाउन के कारण ऑटोमोबाइल मार्केट में वाहनों की बिक्री में काफी गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई कंपनियों को काफी घाटे का सामना करना पड़ा है। इसी के चलते कई कंपनियों ने वेतन कटौती और छटनी जैसे फैसले भी लिए हैं। वहीं, अब जर्मनी की लक्जरी कार बनाने वाली कंपनी 'BMW' ने भी अपनी उत्पादन क्षमता को कम करने के चलते एक बड़ा फैसला लिया है।

BMW का बड़ा फैसला :

कोरोना जैसे महासंकट लगभग सभी कंपनियों के लिए काल बन कर ही आया है। ऐसे में कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती की है, इतना ही नहीं कई ने तो अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता तक दिखा दिया है। वहीं, अब BMW कंपनी ने अपने कॉन्ट्रैक्ट बेस पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का कॉनट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है और ऐसे कर्मचारियों की संख्या कंपनी में 10,000 है। हालांकि, इसे एक तरह से छटनी का ही नाम दिया जाएगा। यानि कंपनी में जब इन कर्मचारियों का कॉनट्रैक्ट पूरा हो जाएगा तो इन्हे कंपनी स्वयं ही छोड़नी पड़ेगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के जुड़े एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को दी।

कंपनी की नई योजना :

बताते चलें, म्यूनिख में स्थित BMW कंपनी ने बताया कि, उसने एक नई योजना तैयार की है। जिसके तहत कंपनी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों यानि कार्य परिषद के साथ साझेदारी करेगी। यह साझेदारी लगभग फाइनल हो गई। इसके अंतर्गत कंपनी ने "स्थायी भविष्य के लिए कार्मिक उपायों" का एक पैकेज भी तैयार किया है।

लगभग देश कर रहे आर्थिक मंदी का सामना :

बताते चलें दुनियाभर के देशों में कोरोना के बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया था। इसका बुरा असर दुनियाभर के देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। साथ ही साथ लगभग देश आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं। वहीं कई सेक्टर्स भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं, इसलिए इन सेक्टरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। इनमें ऑटोमोबाइल सेक्टर भी शामिल है। वहीं, अब ऑटोमोबाइल सेक्टर पटरी पर आने की कोशिश कर रहा है। सरकार द्वारा जारी किये गए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कम कर्मचारियों के साथ कंपनियों ने कार्य शुरू किया है। हालांकि, कंपनियों ने उत्पादन में भी कमी कर दी है।

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