पहले बजट में वित्तमंत्री चौधरी ने खोला पिटारा, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ, नहीं लगा कोई नया कर

Chhattisgarh Budget 2024-25 : राज्य सरकार ने आज 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ रुपए का बजट पेश कर दिया है। इस साल के बजट में 22 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
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हाईलाइट्स

  • छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने आज पेश किया अपना पहला बजट

  • वित्तमंत्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ को 2027 तक विकसित राज्य बनाने का खाका पेश किया

  • बजट पेश करने के साथ ही सदन की कार्यवाही 12 फरवरी तक के लिए स्थगित

राज एक्सप्रेस । छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार ने आज 2024-25 के लिए अपना पहला बजट पेश किया है। विधानसभा पहुंचने से पहले वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने मंदिर जाकर पूजा की। इसके बाद सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात की है। और फिर वह काला ब्रीफकेस लेकर विधानसभा कक्ष में पहुंचे। ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है। अपने पहले बजट में ओपी चौधरी ने कई लोक लुभावन बजटीय प्रावधान किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने 2027 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का खाका भी पेश किया।

सदन में आने के पहले वित्तमंत्री ने की पूजा-अर्चना

वित्त मंत्री ओपी चौधरी जिस ब्रीफकेस को लेकर विधानसभा में पहुंचे, उस पर 'ढोकरा शिल्प' की झलक दिखाई दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद बजट को विधानसभा में पेश किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डिजिटल रूप से बजट पेश करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुरानी परंपरा के हिसाब से ही बजट पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान हो रहा है। उनकी मांग को नकारते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि हम बजटीय प्रावधानों को पेपर लेस करने की ओर बढ़ रहे हैं।

चौधरी ने कहा राज्य में विकास की नींव रखेगा बजट

वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा छत्तीसगढ़ में हर तरफ चुनौतियों का घना अंधेरा है। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा हमें छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। हम राज्य के उन सभी लोगों का हृदय से आभार प्रकट करते हैं जिन्होंने हमें राज्य के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है। छत्तीसगढ़ के विकास को ग्रहण लग चुका है। लेकिन लोकतंत्र की ताकत में इन सभी नकारात्मक शक्तियों को पूरी तरह से विफल कर दिया है, जो राज्य के विकास में बाधक बनी हुई हैं। छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को एक बार फिर सत्ता में लाकर राज्य के विकास की नींव रख दी है। हमरा संकल्प है कि हम 2027 तक राज्य को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने का प्रयास करेंगे।

ये बजट में की गई प्रमुख घोषणाएं

जीडीपी को 10 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्यः बजट में अगले 5 सालों में राज्य की जीडीपी को 5 लाख करोड़ से बढ़ाकर 10 लाख करोड़ तक ले जाने और इसे दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 10 पिलर्स का निर्धारण किया गया है। आर्थिक विकास का केंद्र बिंदु ज्ञान यानी नॉलेज पहला पिलर है। ओपी चौधरी ने कहा कि हम गरीब, युवा, अन्नदाता और राज्य की महिलाओं के हित में कार्य करेंगे।

20 प्रतिशत कैपेक्स वृद्धि का लक्ष्यः चौधरी ने कहा अपने स्वार्थों के चलते ऑनलाइन रॉयल्टी को हटाकर ऑफलाइन तरीके को अपनाया गया। हम ऑनलाइन माध्यम से राजस्व में वृद्धि करके दिखाएंगे। विभागों का तकनीकी विकास करने के लिए 266 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पूंजीगत व्यय में गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 20 प्रतिशत कैपेक्स वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का आमजन के हित में समान वितरण किया जाएगा।

ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन देने की योजनाः चौधरी ने कहा राज्य में ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन देने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। सरकार की क्षमताओं के अतिरिक्त निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य में विकास को प्रोत्साहन देने के लिए पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देंगे। निजी निवेश के प्रोत्साहन से राज्य में विकास की परंपरा की शुरुआत करेंगे। बस्तर, सरगुजा जैसे जिलों को आर्थिक विकास की दृष्टि से मजबूत बनाएंगे। अन्य पिछड़े जिलों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने का प्रयास करेंगे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देंगे गतिः क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित करेंगे। बस्तर में लघु वन उपज के प्रसंस्करण के लिए उद्योग लगाए जाएंगे। रायपुर और भिलाई के आसपास के इलाकों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा। रायपुर, बिलासपुर जैसे प्रमुख नगरों को अत्याधुनिक बनाएंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को गति देने के प्रयास किए जाएंगे। केवल बयानबाजी की जगह हम करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हम आर्थिक विकास की गति बढ़ाने के लिए सतत कार्य करेंगे।

छत्तीसगढ़ इकॉनामी काउंसिल का गठनः हम छत्तीसगढ़ इकॉनामी काउंसिल का गठन होगा। आवास योजना के लिए दूसरे अनुपूरक में हमने 3800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। अब 8369 करोड़ का प्रावधान कर रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 1200 रुपए दिया जाएगा। कृषि उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। जन जीवन मीशन के लिए 4, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन लोगों को भूमिहीन कृषि योजना की शुरूआत। युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना का प्रवधान।

कृषि मजदूर योजना के लिए 500 करोड़ः दीनदयाल उपाध्याय भूमि कृषि मजदूर योजना प्रारंभ करने के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना का बजट में प्रावधान किया गया है। स्टेट कैपिटल योजना के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। शक्तिपीठ परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 35 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। कुनकुरी में कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। कृषि बजट में 33% की वृद्धि की गई है। कृषि के लिए 13,438 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

चार कृषि एवं उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापनाः कुनकुरी, रामचंद्रपुर, खडगांव, शीलफिलि में कृषि एवं उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। दुर्ग और सरगुजा जिले में कृषि यंत्री कार्यालय की स्थापना की जाएगी। 14 विकासखंडों में नवीन नर्सरी की स्थापना की जाएगी। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 300 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। केलो परियोजना के तहत रायगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए 100 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। सिंचाई बांधों के लिए 72 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। सिंचाई के रकबे के विस्तार के लिए 3000 करोड़ रुपए राशि का प्रावधान किया गया है।

केलो परियोजना में नहर निर्माण के लिए 100 करोड़ः केलो परियोजना के नहर निर्माण का कार्य 100 करोड़ से पूरा किया जाएगा। राज्य जल केंद्र की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान। सिंचाई बांधो की सुरक्षा के लिए 72 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने के लिए 561 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास के लिए 70 हजार 539 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि में 70 प्रतिशत वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए 2887 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

सड़कों के लिए 841 करोड़ का प्रावधानः सड़कों के लिए 841 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कचरा प्रबंधन की योजनाओं के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यूपीएससी की तैयारी के लिए द्वारिका, दिल्ली में यूथ हॉस्टल में 65 बच्चों की सीटों को बढ़ाकर 200 करने का प्रावधान। 5 सालों तक उन्हें निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की योजना। बजट में फोर्टिफाइड चावल के लिए 209 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 5000 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 12000 वार्षिक दिया जाएगा, जिसके तहत 117 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।

ग्राम पंचायत स्तरीय महिला सदनः ग्राम पंचायत स्तरीय महिला सदन बनाने के लिए 50 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों को विकसीत करने के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रवाधान किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 5 सौ रुपए दिया जाएगा। कला, साहित्य, खेल के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए एक करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य पुलिस बल में 1089 पदों की वृद्धि की गई है। नक्सल क्षेत्र में तैनात जवानों की सुरक्षा के लिए स्पीक रेजिस्टेंट बूट देने का निर्णय लिया गया है।

ई-कोर्ट के लिए 596 पदों का सृजनः ई-कोर्ट के लिए 596 पदों का सृजन किया गया है। अमृत मिशन योजना के लिए 796 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। नागर क्षेत्र के स्लम बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधा के लिए 300 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 22 जगहों पर लाइब्रेरी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए 5 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। हिंदी व छत्तीसगढ़ी से गोंड़़वी भाषा के ट्रांसलेशन के लिए सॉफ्टवेयर का विकास किया जाएगा। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को चरण पादुका देने के लिए 35 करोड रुपए का प्रवाधान किया गया है।

रायपुर, बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाने को 402 करोड़ः इसके साथ ही रायपुर, बिलासपुर को स्मार्ट सिटी में बदलने के लिए 402 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पर्यटन के विकास के लिुए मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना प्रारंभ की जाएगी। गोंड़वी भाषा के विकास के लिए 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। संवर्धन से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन के लिए एक हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हाथी मानव द्वंद से बचाव के लिए रैपिड रिस्पांस टीम के गठन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किया जाएगी। छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की जाएगी।

एआई से शिक्षा व्यवस्था में लाएंगे बदलावः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप रिसर्च इनोवेशन के लिए परिषद का गठन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की भांति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थानों की स्थापना की जाएगी। पंडित रविशंकर शुक्ला महाविद्यालय रायपुर में स्टार्टअप इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी का उन्नयन किया जाएगा।

रायपुर विश्वविद्यालय में फॉरेंसिक साइंस लैबः व्यवसाय मूलक पाठ्यक्रम के रूप में वाणिज्य अध्ययन शाला प्रारंभ की जाएगी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में फॉरेंसिक साइंस की प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। नवा रायपुर अटल नगर में संगीत महाविद्यालय प्रारंभ किया जाएगा। नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पिपरिया में स्थापित किया जाएगा। राजधानी में साइंस सिटी के लिए 34 करोड़ रुपए का प्रावधान। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 1500 करोड रुपए का प्रावधान। सिम्स के नवनिर्माण के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मेकाहारा रायपुर के लिए 773 करोड़ का प्रवाधानः मेकाहारा रायपुर के लिए 773 करोड़ का प्रवाधान किया गया है। मनेंद्रगढ़, कुनकुरी में 220 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना की जाएगी। शासकीय अस्पतालों में लैब टेक्निशियन के 373 पदों पर भर्ती की जाएगी। दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर योजना प्रारंभ करने का इस बजट में प्रावधान किया गया है। प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 10000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अटल श्रम शक्ति योजना के लिए 123 करोड रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

सौर सिंचाई सुविधाओं के लिए 170 करोड़ः श्रमेव जयते पोर्टल के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए प्रावधान किया गया है। युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की जाएगी। सौर सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने के लिए 170 करोड़ रुपए का प्रावधान। स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 200 करोड़ की लागत से यूनिटी मॉल की स्थापना की जाएगी।

किसानों को 6 लाख 96 हजार कृषि पंपः किसानों को 6 लाख 96 हजार कृषि पंपों का लाभ दिलाने की योजना है। बिजली बिल हाफ योजना के लिए एक हजार 274 करोड़ का प्रावधान किया गया है। एकल बत्ती के लिए 540 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में अधो-संरचना विकास के प्रोत्साहन के लिए 8317 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के सभी एयरपोर्ट में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाइन के लिए 300 करोड़ः कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाइन निर्माण के लिए 300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह बजट रेवेन्यू सरप्लस बजट है। बजट में नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है, न ही करो की दरों में वृद्धि करने का कोई प्रस्ताव किया गया है। इस बाजार बजट का कुल आकार 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ का है। इस साल के बजट में 22 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। बजट पेश करने के साथ ही सदन की कार्यवाही 12 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

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