फरवरी माह से शुरू होगा धारावी के लोगों का डेटा कलेक्शन, दो चरणों में 9 माह में पूरा होगा यह सर्वे

धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राइवेट लिमिटेड फरवरी में मुंबई की एशिया की बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी के 10 लाख लोगों का डेटा व बायोमेट्रिक्स एकत्र करना शुरू करेगी।
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हाईलाइट्स

  • धारावी की झुग्गी बस्ती में रहते हैं दस लाख से अधिक लोग

  • सन 2000 के पहले से बस्ती में रहने वालों को दिए जाएंगे मकान

  • सात लाख निवासियों को किया जा सकता है बस्ती से रिलोकेट

राज एक्सप्रेस। भारतीय अरबपति गौतम अडाणी के नेतृत्व वाली कंपनी अडाणी प्रापर्टीज और मुंबई स्लम रिहैबिलिटेशन अथारिटी के साथ मिलकर बनाया गया ज्वाइंट वेंचर धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राइवेट लिमिटेड फरवरी में मुंबई की एशिया की बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी के पुनर्विकास परियोजना की शुरुआत करते हुए 10 लाख गरीब निवासियों का डेटा और बायोमेट्रिक्स एकत्र करना शुरू करेगी। उल्लेखनीय है कि धारावी एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में से एक है।

इस सर्वेक्षण के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि धारावी स्लम निवासियों में से कौन उस क्षेत्र में मुफ्त घर प्राप्त करने का पात्र है। बता दें कि लगभग 640 एकड़ में फैले इस स्लम एरिया के विकास के लिए अधिकारियों ने दशकों तक संघर्ष किया है। देश के मशहूर कारोबारी गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले अडाणी समूह ने महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर इस क्षेत्र का पुनर्विकास करने के लिए निविदा हासिल की है। हालांकि हाल के दिनों में यह कॉन्ट्रैक्ट अडाणी समूह को दिए जाने को लेकर कुछ कानूनी विवाद भी पैदा हो गए हैं।

धारावी रिडेवलपमेंट अथॉरिटी के हेड एसवीआर श्रीनिवास ने बताया कि पुनर्विकास के बाद धारावी स्लम में मुफ्त घर पाने के केवल वे लोग ही पात्र होंगे, जो वर्ष 2000 के पहले से धारावी में रह रहे हैं। क्षेत्र का आखिरी सर्वे 15 साल पहले किया गया था। एक मोटे अनुमान के अनुसार लगभग सात लाख अयोग्य निवासियों को धारावी के बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है। इससे उन लोगों के लिए आजीविका खोने या उच्च किराए के भुगतान को लेकर चिंता बढ़ गई है।

धारावी रिडेवलपमेंट अथॉरिटी के हेड एसवीआर श्रीनिवास ने बताया अडाणी की कंपनी डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान धारावी के रहने वालों का विवरण एकत्र करने के लिए कुछ खास तरह के सवालों का इस्तेमाल करेगी। सर्वे के दौरान निवासियों से उनके मालिकाना हक के सबूत और बायोमेट्रिक डेटा भी इकट्ठे किए जाएंगे।। धारावी रिडेवलपमेंट अथॉरिटी के निर्देशन में यह प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। एसवीआर श्रीनिवास ने बताया कि सर्वे वाली टीमें हर घर में जाएंगी और लोगों से बातचीत और प्रमाणों के माध्यम से बायोमेट्रिक डेटा कलेक्ट करेंगी।

इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह है कि सभी पात्र लोगों को आवास मिलना सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी अपात्र व्यक्ति को अनुचित लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण दो हिस्सों में संपन्न किया जाएगा। पहला पायलट फेस, जो कुछ सौ लोगों के साथ 3-4 सप्ताह में पूरा किया जाएगा। इसके बाद दूसरा फेस पूरा किया जाएगा। इस तरह यह पूरी प्रक्रिया पूरा होने में 9 महीने का समय लगेगा।

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