Fitch ने एक बार फिर घटाया GDP वृद्धि दर का अनुमान
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Fitch ने एक बार फिर घटाया GDP वृद्धि दर का अनुमान, सामने आया ताजा अनुमान

एक बार फिर देश की GDP में गिरावट देखने को मिल रही है। इसका अंदाजा तब हुआ जब रेटिंग्स एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch) ने ताजा अनुमान के आंकड़े जारी किए और इनमे गिरावट देखी गई।

राज एक्सप्रेस। चीन से फैलने वाले कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बाद रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के चलते लगभग सभी देशों की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इन्हीं देशों में भारत का नाम भी बड़े स्तर पर शामिल है, क्योंकि, महंगाई भी लगातार बढ़ रही है और भारत की अर्थव्यवस्था काफी गिरती नज़र आ रही है। हालांकि, पिछले कुछ समय में हल्का फुल्का सुधार देखा गया था, लेकिन अब एक बार फिर देश की GDP में गिरावट देखने को मिल रही है। इसका अंदाजा तब हुआ जब रेटिंग्स एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch) ने ताजा अनुमान के आंकड़े जारी किए और इनमे गिरावट देखी गई।

Fitch का ताजा अनुमान :

दरअसल, भारत की अर्थव्यवस्था अलग-अलग कारणों के चलते पिछले कुछ समय से लगातार गिरती नजर आ रही है। वहीं, अब भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान जताते हुए रेटिंग्स एजेंसी फिच ने गुरुवार को आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के पूर्वानुमान से घटाकर 7% कर दिया है। जबकि, इससे पहले फिच ने भारतीय अर्थव्यवस्था का वित्त वर्ष 2022 के लिए जून में 7.8% की वृद्धि दर का अनुमान जताया था। इस बार फिर एजेंसी Fitch ने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटा कर बड़ा झटका दिया है।

Fitch का बयान :

रेटिंग्स एजेंसी Fitch ने ताजा अनुमान जारी करते हुए गुरुवार को कहा कि, 'ऊंची महंगाई दर की वजह से चालू वित्त वर्ष में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7% रहेगा। जबकि, जून में लगाए गए 7.8% की वृद्धि दर की तुलना में अब वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगले वित्त वर्ष 2023-24 में भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.4% के पूर्व के अनुमान के मुकाबले अब 6.7% तक ही रहने की संभावना है।

Fitch का बयान :

रेटिंग्स एजेंसी Fitch ने ताजा अनुमान जारी करते हुए गुरुवार को कहा कि, 'ऊंची महंगाई दर की वजह से चालू वित्त वर्ष में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7% रहेगा। जबकि, जून में लगाए गए 7.8% की वृद्धि दर की तुलना में अब वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगले वित्त वर्ष 2023-24 में भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.4% के पूर्व के अनुमान के मुकाबले अब 6.7% तक ही रहने की संभावना है।'

अन्य लोगों द्वारा जताए गए अनुमान :

  • वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने इसी महीने की शुरुआत में कहा था कि, वित्त वर्ष 2022-23 में देश का जीडीपी 7% से ज्यादा की वृद्धि दर हासिल करने की ओर बढ़ रही है। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने चालू वित्त वर्ष में GDP वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान जताया था।

  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.2 फीसदी पर कायम रखा है।

  • रेटिंग्स एजेंसी मूडीज (Moody's) इनवेस्टर सर्विस द्वारा भी वित्त वर्ष 2022-23 के लिए GDP विकास दर के अनुमान को घटाकर 7.7% कर दिया था। जबकि, वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की GDP वृद्धि दर 13.5% रही है।

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