IMF ने घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान
IMF ने घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमानKavita Singh Rathore -RE

Moody's और SBI दोनों ने ही घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान

देश में GDP ग्रोथ के घटने की उम्मीद पहले ही थी। वहीं, अब जब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) द्वारा जारी किए गए अनुमान में इकोनॉमी (GDP) के आंकड़े घटा दिए गए हैं।

हाइलाइट्स :

  • Moody's ने एक बार फिर घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान

  • SBI ने भी घटाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान

  • देश में तेजी से बढ़ रही महंगाई

  • NSO ने भी हाल ही में जारी किए आंकड़े

SBI and Moody's GDP growth forecast : देश में कोरोना के चलते आई आर्थिक समस्या के दौर को भारत में काफी अच्छे से देखा है। हालांकि, GDP के आंकड़े को लेकर एजेंसिया, RBI और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे बैंक समय-समय पर अनुमान जारी करते हैं, लेकिन कोरोना के भारत में आने के बाद और इन पिछले 6 महीनों से चल रहे रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते देश में महंगाई काफी बढ़ गई है। जिसके चलते देश में GDP ग्रोथ के घटने की उम्मीद पहले ही थी। वहीं, अब जब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) द्वारा जारी किए गए अनुमान में इकोनॉमी (GDP) के आंकड़े घटा दिए गए हैं।

SBI ने जारी की रिपोर्ट :

दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने शुक्रवार को एक शोध रिपोर्ट ईकोरैप जारी की है, जिसके अनुसार, देशवासियों की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली है। क्योंकि, देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अर्थशास्त्रियों ने चालू वित्त वर्ष के लिये देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ रेट के अनुमान को 7.5% से घटाकर 6.8% कर दिया है। इस मामले में SBI के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि, 'इसका कारण पहली तिमाही में जीडीपी (GDP) आंकड़ा अनुमान के मुकाबले नीचे रहना है।'

NSO द्वारा जारी आंकड़े :

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, 'चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में GDP की दर 13.5% रही थी। GDP ग्रोथ की दर उम्मीद से कम रहने का कारण मैन्युफैक्चरिंग का कमजोर प्रदर्शन रहा है। इस सेक्टर में पहली तिमाही में केवल 4.8% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, सर्विस सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन से ग्रोथ को समर्थन मिला।'

Moody's ने घटाया GDP ग्रोथ का अनुमान :

बता दें कि Moody's` इन्वेस्टर्स सर्विस द्वारा भारत की GDP ग्रोथ को लेकर जताए गए के अनुमान के अनुसार, साल 2022 के लिए GDP ग्रोथ 7.7% रहना की उम्मीद है। जबकि, एक्सपर्ट्स ने पहली तिमाही में 15 से 16.7% ग्रोथ रेट रहने की संभावना जताई थी। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सबसे ज्यादा यानी 16.7% ग्रोथ रेट का अनुमान जताया था।

SBI के आर्थिक सलाहकार का अनुमान :

SBI के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 15.7% रहने की उम्मीद जताते हुए कहा कि, '13.5% पर ग्रोथ रेट के साथ वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की बढ़ोतरी में तिमाही आधार पर 9.6% की कमी आई है, लेकिन मौसमी रूप से समायोजित वास्तविक जीडीपी ग्रोथ सीरीज आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है। इसके तहत पहली तिमाही में 5.6% की ग्रोथ दर्ज की गयी जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में यह 4.1% और 2021-22 की चौथी तिमाही में 1.9% थी। GDP के आंकड़े बातों को सामने लाने से ज्यादा छिपाते हैं। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IPP) और सीपीआई (CPI) के माप में शामिल वस्तुओं के समूह पर गौर करने का समय है,इसकी समीक्षा पिछली बार 2012 में की गयी थी।

आर्थिक सलाहकार का कहना है :

SBI के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा है कि, 'हालांकि GDP में दहाई अंक में ग्रोथ हुई है, लेकिन यह बाजार उम्मीद से कम है।इसका प्रमुख कारण विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ोतरी है जो पहली तिमाही में महज 4.8% रही। इसको देखते हुए पूरे वित्त वर्ष में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 6.8% रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9%, तीसरी तिमाही में 4.1% और चौथी तिमाही में 4% रहने का अनुमान है। इसके आधार पर हम अब 2022-23 के लिये सालाना GDP ग्रोथ अनुमान को संशोधित कर 6.8% कर रहे हैं। यह सांख्यिकी समायोजन है।' हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि, 'दूसरी छमाही में वृद्धि गति में तेजी आने की उम्मीद है।'

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