ईडी और आरबीआई ने अमेजन व फ्लिपकार्ट की चिंता बढ़ाई
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ईडी और आरबीआई ने अमेजन व फ्लिपकार्ट की चिंता बढ़ाई

देश में कारोबार कर रही दो सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट और अमेजन में विदेशी निवेश की प्रवर्तन निदेशालय, ईडी और भारतीय रिजर्व बैंक जांच करेंगे।

राज एक्सप्रेस। देश में कारोबार कर रही दो सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट और अमेजन में विदेशी निवेश की प्रवर्तन निदेशालय, ईडी और भारतीय रिजर्व बैंक जांच करेंगे। सरकार ने उन्हें इसकी जांच करने का आदेश दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट ने एफडीआई पॉलिसी और फेमा नियमों के उल्लंघन के सिलसिले में कई बार शिकायतें की थीं। इसी के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार के इस आदेश से इन दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी॰सी॰ भारतीय ने बताया कि कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल को कैट की तरफ से कई बार शिकायतें भेजी गई थीं। इसी के बाद डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड ने रिजर्व बैंक और ईडी को पत्र जारी कर कार्रवाई करने के लिए कहा है। भारतीय ने कहा कि फ्लिपकार्ट और आदित्य बिरला ग्रुप के बीच हुई डील में सीधे-सीधे एफडीआई के नियमों का उल्लंघन हुआ है। बता दें कि पिछले कई सालों से लगातार भारी घाटे के बावजूद ई-कॉमर्स कंपनियां लगातार डिस्काउंट पर कारोबार कर रही हैं। अमेजन का घाटा पिछले साल आठ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा रहा है।

प्रतिबंधित पान मसाला, गुटखा बेचने पर ई-कॉमर्स कंपनियों पर होगी कार्रवाई :

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन एफडीए ने दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन, फ्लिपकॉर्ट और अन्य पर आपराधिक कार्रवाई करने की योजना बनाई है। यह कार्रवाई गुटखा और अन्य सामग्रियों की बिक्री के मामले में की जाएगी। दरअसल एक महीने तक चली जांच के बाद राज्य के एफडीए ने गुटखा, पान मसाला जैसे वेंडर्स के साथ-साथ अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स दिग्गजों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने वाला है। एफडीए की जांच में पता चला है कि ई-कॉमर्स कंपनी और इसके वेंडर्स पान मसाला, गुटखा और सुगंधित सुपारी बेच रहे हैं। एफडीए ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों पर पान-गुटखा के जो प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं उनको राज्य में बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में यह सीधे-सीधे गलत काम है। हमने जो जांच की है, उसमें इन प्रतिबंधित प्रोडक्ट को बेचने के मामले में सही सबूत मिले हैं। एफडीए के एक अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद महाराष्ट्र में प्रतिबंधित खाद्य वस्तुओं को बेचने के लिए विक्रेताओं और राज्य सरकार के निषेध आदेश का उल्लंघन करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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