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BPCL Bank Fraud Case
BPCL Bank Fraud Case|Kavita Singh Rathore -RE
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BPCL के बैंक फ्रॉड मामले में ED ने संजय सिंघल को किया गिरफ्तार

भूषण पावर एंड स्टील (BPCL) बैंक फ्रॉड मामले में ED द्वारा जांच शुरू कर दी गई है, जांच के तहत ED ने संजय सिंघल को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच CBI द्वारा दायर की गई FIR के आधार पर शुरू की गई।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • भूषण स्टील के बैंक फ्रॉड मामले में ईडी ने जांच शुरू की

  • ED ने संजय सिंघल को किया गिरफ्तार

  • CBI की FIR पर शुरू की गई जांच

  • ED ने किया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज

  • राशि को डायवर्ट कर करते थे दुरूपयोग

राज एक्सप्रेस। भूषण पावर एंड स्टील (BPCL) कंपनी से जुड़ा करोड़ों का एक घोटाला प्रकाश में आया है। इस मामले के तहत BPCL के पूर्व CMD संजय सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किया गया है। खबरों के मुताबिक, ED को BPCL और संजय सिंघल द्वारा बैंक से फ्रॉड करने की खबर मिली थी। जिसके करण ED ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

BPCL पर इल्ज़ाम :

BPCL पर इल्ज़ाम है कि, कंपनी द्वारा बैंक फ्रॉड किया गया है, इस मामले में ED मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हर पहलुओं की जांच कर रहा है। वहीं एजेंसी ने बताया कि, संजय सिंघल को गिरफ्तार करने का एक मुख्य कारण यह भी है कि, वो इस मामले की जांच में ED का बिलकुल भी सहयोग नहीं कर रहे थे, आज अर्थात शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें रिमांड पर लेने की मांग की गई।

FIR पर दर्ज किया गया केस :

CBI द्वारा की गई FIR (फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट) के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। CBI ने FIR में भूषण पावर एंड स्टील (BPCL) कंपनी, पूर्व CMD संजय सिंघल और कुछ अन्य लोगों के नाम पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। FIR में अनुसार BPCL कंपनी ने अपने निदेशकों और स्टाफ की मदद से बैंक से लोन लेकर 2,348 करोड़ रुपए की राशि का घोटाला किया है। CBI का कहना है कि, कंपनी ने राशि को डायवर्ट कर उसका दुरूपयोग किया है।

कंपनी कैसे करती रही दुरूपयोग :

ED ने इस मामले पर जांच पड़ताल की, जिससे एक बात सामने आई कि, BPCL कंपनी ने कई फर्जी खरीद दिखाकर कुछ कंपनियों को RTGS (Real Time Gross Settlement) के द्वारा भुगतान किया। जिससे बाद में उन सभी कंपनियों ने BPCL को भुगतान हुई राशि ट्रांसफर कर दी। वहीं BPCL की प्रमोटर कंपनियों द्वारा शेयर मार्केट में भारी रकम का इन्वेस्टमेंट किया गया था। जांच के बाद पता चला कि, इन्वेस्टमेंट की गई यह राशि भी कंपनी के एक अलग लोन वाले अकाउंट से ही डायवर्ट की गई थी।

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