देशमुख भ्रष्टाचार मामले में ED को मिली सचिन वाजे से पूछताछ की अनुमति
देशमुख भ्रष्टाचार मामले में ED को मिली सचिन वाजे से पूछताछ की अनुमतिSocial Media

देशमुख भ्रष्टाचार मामले में ED को मिली सचिन वाजे से पूछताछ की अनुमति

पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज कथित भ्रष्टाचार के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। आज मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने ED को सचिन वाजे से पूछताछ करने अनुमति दे दी है।

मुंबई, महाराष्ट्र। मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के पास धमकी भरा खत और विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियों गाड़ी मिलने के मामले में के चलते पुलिस अफसर सचिन वाजे को निलम्बित किया गया था। तब से वह लगातार चर्चा में बने हुए हैं। वहीं उन्होंने महराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। फिलहाल यह मामला कोर्ट में जारी है। आज मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने ED को सचिन वाजे से पूछताछ करने अनुमति दे दी है।

कोर्ट ने दी ED को अनुमति :

दरअसल, मुंबई की एक विशेष कोर्ट द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अनुमति मिलने के बाद वह निलम्बित किए गए पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से महराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज कथित भ्रष्टाचार के मामले में जेल में ही पूछताछ करेगी। बता दें, सचिन वाजे मुकेश अंबानी के बगले के पास स्कॉर्पियों मिलके मामले में नाम आने के बाद से जेल में है है। ED के अधिकारियों ने शुक्रवार को कोर्ट से अनुमति मिलने की जानकारी दी। खबरों की मानें तो ED के अधिकारी इस अनुमति के बाद सचिन वाजे से पूछताछ के लिए शनिवार को तलोजा जेल जाएंगे और वहीं सचिन वाजे का बयान दर्ज करेंगे।

देशमुख के पीए का वाजे को पहचानने से इनकार :

बताते चलें, इससे पहले 19 मई को पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में सचिन वाजे ने एक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि, 'वह अनिल देशमुख के आदेश पर दिसंबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच मुंबई के कई बार से कुल मिलाकर 4.70 करोड़ एकत्र किए थे। बाद में उन्होंने देशमुख के पीए कुंदन शिंदे को सभी राशि सौंप दी थी।' हालांकि ED के अधिकारियों ने इस बयान को गलत बताया है क्योंकि, देशमुख के पीए कुंदन शिंदे ने वाजे को पहचानने से साफ़ इनकार कर दिया है। इसके बाद से ये गुत्थी और उलझ गई थी। इसलिए ED ने कोर्ट से सीधे पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी।

ED का कहना :

इस मामले की जाँच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि, 'पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के पीए कुंदन शिंदे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, हालांकि वह और पलांडे दोनों सीधे अपराध में शामिल थे। हम (ED) ने अनिल देशमुख को तीन समन भेजे थे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और कठोर कार्रवाई के खिलाफ सुरक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।'

क्या है मामला ?

वाजे को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास स्कॉर्पियों गाड़ी मिलने के मामले में नाम आने पर गिरफ्तार किए गए वाजे ने एक नोट में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि, 'देशमुख ने उन्हें सेवा में बहाल करने के लिए 2 करोड़ रुपये की मांग की थी और मुंबई में होटल व्यवसायियों और बार से प्रति माह 100 करोड़ रुपये वसूली करने का लक्ष्य रखा था।'

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