किसान आंदोलन में शामिल किसानों के लिये लांच की जाएगी इमरजेंसी एप
किसान आंदोलन में शामिल किसानों के लिये लांच की जाएगी इमरजेंसी एपSocial Media

किसान आंदोलन में शामिल किसानों के लिये लांच की जाएगी इमरजेंसी एप

देश की राजधानी दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन स्थल पर दो दिन के अंदर किसानों के लिये एक इमरजेंसी एप लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन अभी भी जारी है। हालांकि, गणतंत्र दिवस के मौके पर जो हिंसक प्रदर्शन किया गया, वह काफी शर्मसार कर देने वाला था। इसके बाद ही कुछ किसान नेताओं ने इस आंदोलन से पीछे हट चुके हैं। आज हर किसान इस आंदोलन के बारे में जानना चाहता है और यह भी जानना चाहता है कि, यह आंदोलन आगे क्या मोड़ लेने वाला है। इसी के चलते दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन स्थल पर दो दिन के अंदर किसानों के लिये एक इमरजेंसी एप लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने तैयार की योजना :

दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों के लिए एक एप लांच करने का फैसला किया है। जिसको तैयार किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को दी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि, 'यह एप सभी किसानों के फोन में होगा, जिसपर कई किलोमीटर तक फैले आंदोलन की हर अपडेट किसी भी किसान के फोन से डाली जा सकेगी। बता दें, धरना स्थल पर धीमी इंटरनेट सेवा के कारण किसानों को हो रही परेशानी से बाहर निकलने के लिए किसान सोशल आर्मी ने यह इमरजेंसी एप लॉन्च करने की योजना तैयार की है।

एप लांचिंग को लेकर आयोजित की गई बैठक :

बताते चलें, इस एप की लांचिंग से जुड़ी शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। जैसे किसानों के लिए यह एप बेहद कम एमबी का होना चाहिए, जिससे धीमे इंटरनेट में भी यह एप आसानी से काम कर सके। साथ ही इस पर लोकेशन के साथ साथ आस पास में हुई घटनाओं की फोटो भी अपलोड की जा सकेगी।

किसानों का कहना :

किसानों का कहना है कि, 'पहले तो टीकरी बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा बिल्कुल बंद थी, लेकिन अब बेहद धीमी गति से ही सही, इंटरनेट दोबारा शुरू हो गया है। हालांकि, अभी अधिकतर किसानों के फोन में इंटरनेट चलाने को लेकर तकनीकी समस्या आ रही है। कुछ किसानों का इंटरनेट चलता है, जबकि कुछ में नहीं चलता, लेकिन लोग अब WhatsApp से टेक्स्ट मेसेज भेज सकते हैं, हालांकि मैसेज जाने में वक्त लगता है।'

मीडिया कॉर्डिनेटर ने बताया :

बताते चलें, संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से मीडिया कॉर्डिनेटर के रूप में अंकुर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने ही बताया कि, 'इस इमरजेंसी एप को पहले टीकरी बॉर्डर पर लॉन्च किया जाएगा। परीक्षण के बाद यदि यहां यह सफल रहा तो सिंघु और गाजीपुर में भी यह प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही एक इमरजेन्सी मोबाइल नंबर भी जल्द ही किसान सोशल आर्मी की ओर से लॉन्च करने की तैयारी है।'

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