Toy Testing By QCI
Toy Testing By QCI|Kavita Singh Rathore -RE
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QCI के टेस्टिंग सर्वे में बहुत कम खिलौने हुए पास

यदि आपके घर में भी छोटे बच्चे हैं तो, यह खबर हो सकती है आपके काम की। कहीं आप भी तो अपने बच्चे को बीमारियों की तरफ नहीं ढकेल रहे हो? क्योंकि QCI के टेस्टिंग सर्वे में बहुत से खिलौने हो गए फेल।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • QCI के द्वारा किया गया खिलौनों का टेस्टिंग सर्वे

  • टेस्टिंग मे 67% खिलौने हो गए फेल

  • बच्चों के लिए नुकसानदायक साबित हुए खिलौने

  • QCI ने रिपोर्ट जारी कर दी यह जानकारी

राज एक्सप्रेस। कोई भी माँ-बाप अपने बच्चों को महंगे से महंगे खिलौने इसलिए दिलाते हैं, ताकि वो उन खिलौनों से खेल कर खुश रहे और खुश रहने से बच्चे स्वस्थ रहते हैं, लेकिन यदि वहीं खिलौनों से बच्चों को नुकसान पहुंचने लगे तो क्या होगा ? ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमे खिलौनों की टेस्टिंग की गई जिसमे लगभग 67% खिलौने फेल हो गए।

QCI का टेस्टिंग सर्वे :

दरअसल, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के द्वारा एक टेस्टिंग सर्वे किया गया था, जिसमें बहुत से खिलौनों का टेस्ट किया गया था और इस टेस्ट में 100% में से 66.90% खिलौनों फेल हो गए और 33.10 परसेंट खिलौने ही इस टेस्ट को पास करने में सक्षम पाए गए। इन खिलौनों में बहुत से इंपोर्टेड खिलौने भी शामिल थे। खिलौनों का यह टेस्ट दिल्ली और NCR स्थित मार्केट से खिलौने लेकर किया गया था। इतना ही नहीं ये खिलौने बच्चों के लिए नुकसानदायक भी साबित हुए। QCI ने अपनी रिपोर्ट जारी कर यह जानकारी दी।

खिलौनों की वेराइटी :

इस टेस्ट के लिए QCI द्वारा दिल्ली और NCR के मार्केट से कुल 121 प्रकार के अलग-अलग खिलौनों के सैंपल लिए गए थे। इसके बाद जब इन्हें टेस्टिंग लैब में भेजा था। यहां इन खिलौनों को भारतीय मानकों के अनुसार टेस्ट किया गया, लेकिन इनमें से सभी पास नहीं हो सके क्योंकि,

  • 30% प्लास्टिक के खिलौने सेफ्टी मानक को पूरा नहीं कर सके, इन खिलौनों में मेटल की हैवी मात्रा उपलब्ध पाई गई थी।

  • 80% प्लास्टिक के खिलौने मैकेनिकल और फिजिकल सेफ्टी मानकों को पास नहीं कर सके।

  • इन फेल हुए खिलौनों में 45% सॉफ्ट टॉय भी शामिल हैं, क्योंकि इनमें बच्चों को नुकसान पहुंचने वाले पैथालेट्स की मात्रा उपलब्ध पाई गई है।

  • वहीं इलेक्ट्रिक खिलौनों में 75% खिलौने फेल हो गए।

  • बताते चलें कि, भारत में लगभग 85% खिलौने चाइना, श्री लंका, मलेशिया, जर्मनी, हांकगांक और यूएसए से आते हैं।

सेक्रेटरी जनरल ने बताया :

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के सेक्रेटरी जनरल आरपी सिंह ने बताया कि,

"मैकेनिकल टेस्टिंग में फेल हुए खिलौने बच्चों की स्किन को खराब कर सकते हैं। यदि खिलौनों में किसी भी तरह का केमिकल है तो कई बार वह कैंसर का कारण बन सकता है।"

आरपी सिंह, सेक्रेटरी जनरल

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