Finance Minister at Delhi program
Finance Minister at Delhi program|Social Media
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दिल्ली में हुए कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने दिए कई जवाब

शनिवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हिस्सा लेने के साथ ही अपने विचार प्रकट करते हुए कई सवालों के जवाब दिए।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • सरकार ने अर्थव्यवस्था को सही दिशा देने के लिए उठायेगी कई कदम

  • सरकारी बैंकों ने बांटे दूर-दराज के इलाकों में पांच लाख करोड़

  • भारत की अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग का योगदान लगभग 60%

  • GST दर से जुड़े फैसले परिषद ही लेगी

राज एक्सप्रेस। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को सही दिशा देने के लिए कुछ नए फैसले पर विचार किया जा रहा है। इसी के तहत शनिवार को हुए कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि, इनकम टैक्स की दरों को विवेकशील बनाने के लिए सरकार कुछ उपाय करने पर विचार कर रही है, जिन्हे जल्द ही लागू किया जाएगा।

निर्मला सीतारमण का कहना :

दरअसल शनिवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हिस्सा लेने के साथ ही अपने विचार प्रकट किये। उन्होंने कहा कि, सरकार द्वारा मजबूत अर्थव्यवस्था को लेकर अगस्त और सितंबर माह में कई उपाय किए गए थे। उन्होंने आगे कहा,

'उपभोग को बढ़ावा देने के लिए कई तरीके हैं। हम एक प्रत्यक्ष तरीका अपना रहे हैं और बुनियादी ढांचा पर खर्च बढ़ाने का तरीका भी अपना रहे हैं, जिसका असर बुनियादी उद्योगों और श्रमिकों तक पहुंचता है'।

निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

सरकारी बैंकों को निर्देश :

वित्त मंत्री ने बताया कि, सरकार ने सरकारी बैंकों को निर्देश दिए थे कि, बैंक द्वारा सावधानी के साथ समझौता न किया जाये, लेकिन उपभोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये जाये। इतना ही नहीं उपभोग को बढ़ने के लिए दूर-दराज के इलाकों में पिछले दो महीने में करीब पांच लाख करोड़ रुपये की राशि बांटी गई है। बताते चलें कि भारत की अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग का लगभग 60% योगदान है।

इनकम टैक्स रेट में राहत :

इनकम टैक्स रेट में राहत देने की बात पर उन्होंने कहा, सरकार का विचार इनकम टैक्स रेट को ज्यादा विवेकशील बनाने का है। खास तौर पर जब से कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की गई है, तब से मांग में तेजी आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि, टैक्स में कटौती की मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लोगों की खरीदने की शक्ति बढ़ सके और मांग में तेजी आए।

अर्थव्यवस्था से जुड़े फैसले :

क्या आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के अन्य उपाय किए जा सकते हैं, इस प्रश्न के उत्तर में सीतारमण ने कहा कि, 'यदि मैं कहूं हाँ, तो, पूछा जाएगा कि, कब और फिर पूछा जाएगा क्या हम बजट के काफी पास पहुंच गए हैं या नहीं। इसलिए मैं हां नही कह सकती, लेकिन मेरी इच्छा है कि, मैं हां कह सकूं। पर मैं न भी नहीं कहूंगी क्योंकि हम और उपायों पर लगातार कदम उठाने के लिए कुछ न कुछ विचार कर रहे हैं।

GST से जुड़ा फैसला :

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने GST से जुड़े फैसले को लेकर कहा कि, GST दर से जुड़े फैसले परिषद ही लेगी। अंतत: टैक्स को और तार्किक तथा पूरी कर प्रणाली को और अधिक सरल बनना ही होगा। उन्होंने कहा,

'जहां तक GST की बात है, तो यह जटिल हो रहा है। इसका कारण है कि, दरों को अव्यवस्थित ढंग से कम किया जा रहा है। यह इस लिए भी जटिल हो रही क्योंकि, अब आप को यह आश्वस्त होना पड़ रहा कि, आप जो कर रहे हैं उसमें सब कुछ सही है। इसमें एक प्रौद्योगिकी संचालित प्रणाली के तहत आप को पहले से ज्यादा सूचनाएं देने को कहा जा रहा है। लोग इतनी अधिक सूचनाएं मांगे जाने से उकता जाते हैं। ऐसे में हमारी समस्या दोनों तरफ से है।'

निर्मला सीतारमण, वित् मंत्री

डेटा की अथोंटिसिटी :

डेटा की अथोंटिसिटी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, 'इसमें कोई शक नहीं है कि, हमें डेटा को विश्वसनीय बनाना होगा, सरकार इस बहस से अवगत है, हमें बेहतर विश्वसनीयता की दिशा में काम करना होगा। हमें बिना अवरोध के डेटा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की जरूरत है।'

सीतारमण का आश्वासन :

निर्मला सीतारमण ने आश्वासन देते हुए कहा कि, जो लोग टैक्स देते हैं उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। वहीं सरकार टैक्स सिस्टम और ज्यादा सरल बनने पर विचार कर रही है। इसके अलावा सरकार झूठे लोगो को भी हटाना चाहती है। उन्होंने आगे करदाताओं को लेकर बताया कि, सरकार करदाताओं को परेशानी से बचाने के लिए डायरेक्ट टैक्स विश्लेषण करेगी और इस प्रोसेस को जल्दी ही शुरू किया जा सकता है।

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