वित्त मंत्री सीतारमण ने पेट्रोल की कीमतों पर अफसोस जताते हुए दिया बड़ा बयान
वित्त मंत्री सीतारमण का पेट्रोल की कीमतों पर बड़ा बयानSyed Dabeer Hussain - RE

वित्त मंत्री सीतारमण ने पेट्रोल की कीमतों पर अफसोस जताते हुए दिया बड़ा बयान

आज देश में सबसे बड़ी समस्या पेट्रोल-डीजल की कीमत बनती जा रही है। कई राज्यों में पेट्रोल की कीमतों को लेकर लोग विरोध कर रहे हैं। इस मामले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफसोस जताते हुए बयान दिया ।

राज एक्सप्रेस। आज देशभर के सामने सबसे बड़ी समस्या पेट्रोल-डीजल की कीमत ही बनती जा रही है। क्योंकि, नए साल से इन कीमतों में लगातार बढ़त दर्ज होती चली जा रही है। वहीं, सप्ताह के आखिरी दिन यानी शनिवार को लगातार 12वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी देखी गई। कई राज्यों में तो पेट्रोल की कीमतों को लेकर लोग सड़क पर उतर आये हैं और लगातार इन बढ़ती कीमतों का विरोश कर रहे हैं। इस मामले में शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफसोस जताते हुए एक बड़ा बयान दिया है।

वित्त मंत्री सीतारमण का बयान :

दरअसल, भारत के कई राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 100 रूपये प्रति लीटर व उसके भी ऊपर पहुंच गई है। जिसके चलते देश में जगह जगह विरोध हो रहा है। वहीं इस मामले पर अब शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अफसोस जताया और बड़ा बयान देते हुए कहा कि, 'बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के कारण वह 'धर्म संकट' (दुविधा) की स्थिति में हैं। यह एक ऐसा मामला है जिसमें हर कोई एक जवाब सुनना चाहता है कि कीमत में कटौती की जाएगी।' बताते चलें, वित्त मंत्री सीतारमण ने यह बयान पेट्रोल और डीजल की कीमत में आई तेजी पर आपका क्या कहना है? इस प्रश्न के पूछे जाने पर दिया।

केंद्र और राज्य दोनों से जुड़ा मामला :

वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा कि, 'यह मामला केंद्र और राज्य दोनों से जुड़ा है, इसलिए दोनों सरकार को मिलकर इस बारे में सोचना चाहिए और समस्या का हल निकालना चाहिए। OPEC देशों ने उत्पादन का जो अनुमान लगाया था, वह भी नीचे आने की संभावना है जो फिर से चिंता बढ़ा रहा है। तेल के दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। इसे तकनीकी तौर पर मुक्त कर दिया गया है तेल कंपनियां कच्चा तेल आयात करती हैं , रिफाइन करती हैं और बेचती हैं। बता दें, वित्त मंत्री सीतारमण ने यह बयान चेन्नई में दिए हैं।'

तेल उत्पादक देशों का कहना :

इस मामले में तेल उत्पादक देशों का कहना है कि, 'उत्पादन में अभी और कमी आने वाली है। इससे पेट्रोल की कीमत पर दबाव बढ़ेगा और कीमत में तेजी आएगी। जानकारी के लिए बता दें कि, पेट्रोल की रिटेल कीमत में 60% और डीजल की कीमत में 54% तक टैक्स लगता है जिसमें केंद्र और राज्य दोनों का हिस्सा होता है।' उधर देखा जाये तो, पिछले 12 दिनों में पेट्रोल की कीमते लगातार रोजाना बढ़ती ही जा रही है, इस प्रकार पिछले 12 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में 3.28 रुपये की बढ़त दर्ज की जा चुकी है। इन 12 दिनों के अलावा यदि इस साल के शुरूआती दो महीनों यानी जनवरी और फरवरी की बात करें तो, इन दो महीनों के दौरान अब तक पेट्रोल की यह कीमतें 6.77 रुपये तक बढ़ चुकी है। जबकि इन 12 दिनों में डीजल की कीमतों में 3.49 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है।

क्यों बढ़ती है पेट्रोल-डीज़ल की कीमत :

दरअसल, भारत में पेट्रोल-डीज़ल की खुदरा कीमतें वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी हुई है। इसका मतलब साफ है कि, यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का भाव कम होता है तो, भारत में पेट्रोल डीज़ल सस्ता होगा और यदि कच्चे तेल का की कीमतें बढ़ेंगी तो, पेट्रोल-डीज़ल महंगा हो जाएगा। हालांकि, हर बार ऐसा होता नहीं है। परंतु जब भी वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो, उसका बोझ सीधे-सीधे ग्राहकों पर डाल दिया जाता है। वहीं, जब कच्चे तेल की कीमतें कम होती है, तब सरकार रेवेन्यू बढ़ाने के लिए ग्राहकों पर टैक्स का बोझ डाल देती है। यही कारण है कि, पेट्रोल-डीजल महंगा मिलता है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

AD
No stories found.
Raj Express
www.rajexpress.co