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क्या वित्त मंत्रालय के सुझाव से बन्द हो जाएगी BSNL-MTNL दूरसंचार कंपनियां

इतने सालों से लगातार अपनी सेवाएं प्रदान कर रहीं दूरसंचार कंपनियां BSNL और MTNL पर मंडरा रहा है खतरे का साया। क्या वित्त मंत्रालय के सुझाव से बंद हो जाएंगी यह दूरसंचार कंपनियां।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। आज से कुछ समय पहले जब भी कभी दूरसंचार और ब्रॉडबैंड से जुड़ी बात करता था, तब सबसे पहला विचार भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) कंपनियों का ही आता था, यह दोनों ही ब्रॉडबैंड कंपनियां कई दशकों से जनता को ईमानदारी से अपनी सेवाएं प्रदान करती आ रही हैं, लेकिन अब इन कंपनियों का भविष्य कुछ हद तक अंधेरे में नज़र आ रहा है। इसका कारण वित्त मंत्रालय का कंपनियों को बंद करने का सुझाव है।

रिपोर्ट के अनुसार :

जी हां, फाइनेंसियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने इन दोनों ही (BSNL-MTNL) दूरसंचार विभाग (DoT) को पुनर्जीवित करने के लिए बड़े पैमाने पर 74,000 करोड़ रुपये की मांग को ठुकरा दिया है। इतना ही नहीं मंत्रालय ने इन दोनों कंपनियों को को बंद करने की सिफारिश भी की है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि, दोनों राज्य संचालित कंपनियों को बंद करने की लागत 95,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी। क्योंकि, BSNL के सभी 1.65 लाख कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) में 95,000 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। हालांकि अभी इस खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।

इन कंपनियों में कर्मचारियों की तीन श्रेणियां :

  • डारेक्ट भर्ती हुए कर्मचारी

  • अन्य सार्वजनिक उपक्रमों या सरकारी विभागों से स्थानांतरित हुए कर्मचारी

  • भारतीय दूरसंचार सेवा (ITS) के अधिकारी

ITS अधिकारी है सुरक्षित :

इन तीन श्रेणियों मे से ITS अधिकारियों को दूसरी सरकारी विभागों में दोबारा नियुक्त किया जा सकता है साथ ही इन्हे VRS नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, अन्य अधिकारियों का वेतन बहुत अधिक न होने के कारण इन्हे VRS दिया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ऐसे कर्मचारियों की संख्या दूरसंचार कंपनियों में केवल 10 प्रतिशत है। वहीं इन दोनों ही कंपनियों को अपने-अपने कर्मचारियों के कार्य बल की पहचान करने बोला गया है।