देश का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार फिर बढ़ा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार फिर बढ़ाSyed Dabeer Hussain - RE

देश का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार फिर बढ़ा

देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में 600 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही देश के स्वर्ण भंडार की कीमत में भी बढ़त दर्ज की गई है।

राज एक्सप्रेस। देश में जितना भी विदेशी मुद्रा भंडार जमा होता है, उसके आंकड़े समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए जाते हैं। वहीं, अब RBI ने एक बार फिर नए आंकड़े जारी कर दिए हैं। जिनके अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में 600 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, इससे पहले जारी हुए आंकड़े भी 600 अरब डॉलर के पार ही थे। इसके साथ ही देश के स्वर्ण भंडार की कीमत में भी बढ़त दर्ज की गई है।

RBI के ताजा आंकड़े :

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 जून को समाप्त सप्ताह में 600 अरब डॉलर को पार करते हुए नए रिकॉर्ड को भी पार कर गया है। इस दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 3.074 अरब डॉलर बढ़कर 608.081 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जबकि 4 जून 2021 को समाप्त हुए सप्ताह में 6.842 अरब डॉलर बढ़कर 605.008 अरब डॉलर पर था। RBI के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) के घटने के चलते मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक अहम भाग मानी जाती है। इसके अलावा 28 मई, 2021 को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार 5.271 अरब डॉलर बढ़कर 598.165 अरब डॉलर के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था।

आंकड़ों के अनुसार FCA :

रिजर्व बैंक (RBI) के साप्ताहिक आंकड़ों पर नजर डालें तो, विदेशीमुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होती हैं। बता दें, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि होने की वजह से मुद्रा भंडार में बढ़त दर्ज की गई है। इस प्रकार समीक्षाधीन अवधि में अप्रैल 2021 को समाप्त समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) 2.567 अरब डॉलर बढ़कर 563.457 अरब पर पहुंच गया। बता दें, FCA को डॉलर में दर्शाया जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्रा सम्पत्ति भी शामिल होती हैं।

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू :

बताते चलें, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी बढ़त दर्ज की गई है। अब गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 49.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 38.101 अरब डॉलर पर आ पहुंची है। जबकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) यानी विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights) इस दौरान 10 लाख डॉलर घटकर 1.512 अरब डॉलर रह गया। वहीं, IMF के पास देश का आरक्षित भंडार भी 1.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.011 अरब डॉलर हो गया।

क्या है विदेशी मुद्रा भंडार ?

विदेशी मुद्रा भंडार देश के रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर देनदारियों का भुगतान करने में किया जाता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इसका उपयोग आयात को समर्थन देने के लिए आर्थिक संकट की स्थिति में भी किया जाता है। कई लोगों को विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का मतलब नहीं पता होगा तो, हम उन्हें बता दें, किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी अच्छी बात होती है। इसमें करंसी के तौर पर ज्यादातर डॉलर होता है। डॉलर के आधार पर ही दुनियाभर में कारोबार किया जाता है। बता दें, इसमें IMF में विदेशी मुद्रा असेट्स, स्वर्ण भंडार और अन्य रिजर्व शामिल होते हैं, जिनमें से विदेशी मुद्रा असेट्स सोने के बाद सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार के फायदे :

  • विदेशी मुद्रा भंडार से एक साल से अधिक के आयात खर्च की पूर्ति आसानी से की जा सकती है।

  • अच्छा विदेशी मुद्रा आरक्षित रखने वाला देश विदेशी व्यापार का अच्छा हिस्सा आकर्षित करता है

  • यदि भारत के पास भुगतान के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा उपलब्ध है तो, सरकार जरूरी सैन्य सामान की तत्काल खरीदी का निर्णय ले सकती है।

  • विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को कम करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की प्रभाव पूर्ण भूमिका होती है।

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