फ्यूचर ग्रुप-RIL की डील जा पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट, कल होगी मामले की सुनवाई
फ्यूचर ग्रुप-RIL की डील जा पहुंची दिल्ली हाई कोर्टSyed Dabeer Hussain - RE

फ्यूचर ग्रुप-RIL की डील जा पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट, कल होगी मामले की सुनवाई

RIL और फ्यूचर ग्रुप की डील Amazon के चलते विवादों में आ गई थी। वहीं, अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट जा पहुंचा है। क्योंकि, इस मामले में फ्यूचर ग्रुप ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है।

राज एक्सप्रेस। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) भारत की एक ऐसी कंपनी है। जो, काफी समय से सिर्फ विदेश की कई कंपनियों के साथ डील करने के लिए चर्चा में रही है। वहीं, हाल ही में RIL की रिलायंस रिटेल वेंचर कंपनी की रीटेल किंग कहे जाने वाले किशोर बियानी की खुदरा कारोबार की दिग्गज कंपनी फ्यूचर ग्रुप से साझेदारी होने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन दोनों कंपनी की यह डील जेफ़ बेजोस की कंपनी Amazon के चलते विवादों में आ गई थी। वहीं, अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट जा पहुंचा है। क्योंकि, इस मामले में फ्यूचर ग्रुप ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है।

दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची डील :

दरअसल, किशोर बियानी की अगुवाई वाली फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में फ्यूचर ग्रुप और RIL की रिलायंस रिटेल वेंचर कंपनी की डील को लेकर एक याचिका दायर की है। इस याचिका में फ्यूचर ग्रुप ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश के खिलाफ अपील करते हुए कहा है कि, कंपनी को रिलायंस रिटेल के साथ अपने 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को बनाए रखने के लिए अनुमति दे दी जाए। हालांकि, इस डील पर अमेरिका की ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी Amazon ने आपत्ति जताई है। इस मामले की सुनवाई कल यानि गुरुवार को होगी।

मामले से जुड़े वकील ने बताया :

वहीं, इस मामले से जुड़े एक वकील ने बताया है कि, 'हाई कोर्ट के एक संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष फ्यूचर ग्रुप की अपील दाखिल की गई है।' बताते चलें, कुछ दिन पहले तक लग रहा था कि, रिलायंस रिटेल वेंचर और फ्यूचर ग्रुप की इस डील में आ रही सभी अटकलें अब दूर हो गई हैं। क्योंकि, पिछले महीने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने दोनों कंपनियों की इस डील को मंजूरी देदी थी, लेकिन वहीं अब यह मामला दिल्ली है कोर्ट जा पंहुचा है। बताते चलें, दोनों कंपनियों के बीच हुई इस डील के तहत फ्यूचर ग्रुप ने अपना रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स कारोबार रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड को बेचा था।

दोनों कंपनियों की डील :

बताते चलें, यदि दोनों कंपनियों की इस डील को अनुमति मिल जाती है तो, यह डील कुल 24,713 करोड़ रुपये में पूरी होगी। अगर गुरुवार को हाई कोर्ट का यह फैसला फ्यूचर ग्रुप के हक़ में आता है तो, यह खबर रिलायंस और फ्यूचर को तो बड़ी राहत देगी, लेकिन इससे Amazon कंपनी को जरूर बड़ा झटका लगेगा। क्योंकि, वह शुरुआत से ही इस डील के खिलाफ थी। Amazon ने इस डील को लेकर ऐतराज इसलिए जताया था क्योंकि, साल 2019 के अगस्त में Amazon ने फ्यूचर ग्रुप में 49% हिस्सेदारी हासिल की थी और तब दोनों कंपनियों के बीच कुछ शर्ते रखी गई थीं। Amazon में मुताबिक फ्यूचर ग्रुप ने इन शर्तो का उल्लंघन किया था।

Amazon का कहना :

Amazon का कहना है कि, 'फ्यूचर ग्रुप को मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप के साथ सौदा करने पर रोक लगाई जाए।' गौरतलब है कि, Amazon कंपनी पिछले साल से ही दोनों कंपनियों की इस डील को रोकने की लगातार कोशिशें कर रही थी। इतना ही नहीं Amazon कंपनी ने इस डील के विरोध में भारतीय SEBI , स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य रेगुलेटरी एजेंसियों को कई पत्र तक लिखे थे।

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