'Aarogya Setu' ऐप के डेवलपर मामले में सरकार का स्पष्टीकरण

आज कोरोना पीड़ितों का पता लगाने वाली ऐप आरोग्य सेतु पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सूचना आयोग से हुए विवादों के बाद अब सरकार ने ऐप को लेकर स्पष्टीकरण दिया है।
'Aarogya Setu' ऐप के डेवलपर मामले में सरकार का स्पष्टीकरण
Government clarification on Aarogya Setu app developer Neha Shrivastava - RE

राज एक्सप्रेस। भारत में जब से कोरोना का प्रकोप फैलना शुरू हुआ है तब देश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने 'Aarogya Setu' (आरोग्य सेतु) नामक एक ऐप लॉन्च किया था, जिसके द्वारा कोरोना पीड़ितों का पता लगाया जा सकता है। आज उसी कोरोना का पता लगाने वाली ऐप आरोग्य सेतु पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सूचना आयोग से हुए विवादों के बाद अब सरकार ने ऐप को लेकर स्पष्टीकरण दिया है।

किसने बनाई आरोग्य सेतु ऐप :

दरअसल, भारत सरकार ने अपने आसपास कोरोना के मरीजों का पता लगाने के लिए जनता को अपने स्मार्टफोन में आरोग्य सेतु ऐप डाऊनलोड करने के निर्देश जारी कर दिए थे। तब से लेकर आज तक भारत सहित पूरी दुनिया में Aarogya Setu ऐप से करोड़ों यूजर्स जुड़ चुके हैं, लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि, सरकार को भी नहीं पता कि, यह ऐप किसने निर्मित की है। हालांकि, यह ऐप कोरोना के संक्रमण का पता लगाने के काम में खरी उतरती है। साथ ही इस ऐप के कार्य पर संदेह करना गलत होगा।

सरकार का स्पष्टीकरण :

आरोग्य सेतु ऐप पर स्पष्टीकरण देते हुए भारत सरकार ने कहा है कि 'कोरोनो वायरस से लड़ने के लिए रिकॉर्ड समय में सार्वजनिक-निजी सहयोग और काफी पारदर्शी तरीके से आरोग्य सेतु ऐप को तैयार किया गया। आरोग्य सेतु ऐप को लगभग 21 दिनों के रिकॉर्ड समय में विकसित किया गया था। आरोग्य सेतु ऐप के संबंध में कोई संदेह नहीं होना चाहिए और भारत में COVID-19 महामारी को रोकने में मदद करने में इसकी काफी भूमिका रही है।'

सूचना आयोग ने भेजा नोटिस :

बताते चलें, केंद्रीय सूचना आयोग ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (NIC) को मंगलवार को फटकार लगते हुए पूछा था कि, यदि आरोग्य सेतु ऐप की वेबसाइट पर NIC का नाम मौजूद है। इसके वाबजूद भी उन्हें इस बारे में जानकारी क्यों नहीं हैं कि, इस ऐप को किसने डेवलप किया है। इतना ही नहीं सिर्फ इस ऐप की जानकारी के चलते सूचना आयोग द्वारा कई चीफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन अधिकारियों (CPIOs) सहित नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना आयोग को भी नोटिस भेज कर कारण बताने को कहा था।

कहां से शुरू हुआ मुद्दा :

गौरतलब है कि, यह मुद्दा आरोग्य सेतु ऐप की वेबसाइट पर मौजूद नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर और आईटी मंत्रालय द्वारा डेपलपमेंट की जानकारी से उठा था। क्योंकि, RTI में दोनों की तरफ से कहा गया था कि, उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि, इस ऐप का डेवलपर कौन है।

Aarogya Setu की लांचिंग :

केन्द्र सरकार ने इस 'Aarogya Setu' (आरोग्य सेतु) ऐप को 2 अप्रैल को लांच किया था और लांच होने से लेकर जुलाई तक इसे लगभग 2.76 करोड़ लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है, यह एक कोरोना वायरस कांटेक्ट टेस्टिंग ऐप है। यानी की इस ऐप को हर दिन लगभग 5 लाख लोग डाऊनलोड कर रहे हैं। केन्द्र व राज्य सरकारों ने इस ऐप को विमान या रेल किसी भी यात्रा के दौरान यात्रा करने वाले को इसे फोन में रखना अनिवार्य कर दिया है। इसमें हाल ही में नए 6 टर्म्स ऑफ़ सर्विस प्राइवेसी पॉलिसी को जोड़ा गया था। बता दें, भारत COVID-19 ट्रैकिंग ऐप डाउनलोड के मामले में चौथे नंबर पर है।

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