Government decides sell 100% stake of Air India
Government decides sell 100% stake of Air India|Kavita Singh Rathore -RE

सरकार ने लिया Air India को लेकर ये बड़ा फैसला

काफी समय से घाटे में चल रही हवाई सेवा प्रदाता सरकारी कंपनी Air India को लेकर सरकार ने आखिरकार फैसला ले ही लिया। सरकार इस फैसले के तहत कंपनी की 100% हिस्सेदारी बेचेगी।

हाइलाइट्स :

  • सरकार ने लिया Air India को लेकर ये बड़ा फैसला

  • सरकार बेचेगी कंपनी की 100% हिस्सेदारी

  • 17 मार्च तक कंपनियां लगा सकती हैं बोलियां

  • सरकार की दूसरी बार Air India कंपनी को बेचने की कोशिश

  • बोली लगाने वाली कंपनियों में जानी-मानी कंपनियां हैं शामिल

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राज एक्सप्रेस। काफी समय से घाटे में चल रही हवाई सेवा प्रदाता सरकारी कंपनी Air India को लेकर सरकार ने आखिरकार फैसला ले ही लिया। सरकार ने इस फैसले के तहत कंपनी की 100% हिस्सेदारी बेचने के लिए 17 मार्च तक बोलियां लगाने को कहा है। इस मुद्दे को लेकर काफी विवादों के बीच सरकार ने सोमवार को मेमोरंडम जारी कर इस बारे में जानकारी दी।

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सरकार ने दी जानकारी :

सरकार द्वारा जारी किये गए मेमोरंडम में दी गई जानकारी के अनुसार, Air India एक्सप्रेस कंपनी द्वारा अपनी 100% हिस्सेदारी बेच दी जाएगी। इसके साथ ही Air India और SATS की जॉइंट वेंचर वाली कंपनी ऐसेट्स (AISATS) में अपनी 50% हिस्सेदारी बेचेगी। एयर इंडिया कंपनी की हिस्सेदारी के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी ही Air India के मैनेजमेंट का कार्यभार संभालेगी, अर्थात जिसकी बोली सबसे ज्यादा होगी उसके हिस्से में Air India आएगी।

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17 मार्च तक कंपनियां लगा सकती हैं बोलियां :

सरकार द्वारा जारी किये गए मेमोरंडम में साफ तौर पर बताया गया है कि, यदि कोई भी कंपनी एअर इंडिया की 100% हिस्सेदारी पाने की इच्छुक हो तो, वो अपनी इच्छा (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EoI)) बोली द्वारा 17 मार्च तक लगा सकती है। खबरों के अनुसार, Air India के लिए संभावित बोली लगाने वाली कंपनियों में जानी मानी कंपनियां जैसे- Tata समूह, इंडिगो समूह, हिंदुजा समूह, स्पाइसजेट और कई प्राइवेट इक्विटी वाली कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा खबर तो यह भी है कि, Air India के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में कई विदेश की कंपनियां भी भारतीय कंपनियों के साथ मिल कर बोली लगा सकती हैं।

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कर्ज की जिम्मेदारी :

सरकार ने बताया कि, कंपनी के लिए सबसे ज्यादा बोली लगा कर कंपनी को खरीदने वाले को Air India के कर्ज के तौर पर 23,286.5 करोड़ रुपए की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी, अर्थात कंपनी के कर्ज की इस रकम को चुकाना होगा। हलांकि कंपनी के ऊपर कुल कर्ज 60,074 करोड़ रुपए का है। जानकारी के लिए बता दें कि, सरकार साल 2018 में भी एक बार कंपनी की हिस्सेदारी बेचने जैसा कदम उठा चुकी है। यह दूसरी बार है जब एयर इंडिया को बेचने की कोशिश की जा रही है।

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हालांकि, साल 2018 में सरकार द्वारा कंपनी के 76% शेयर को बेचने के लिए ही बोलियां लगाने को कहा गया था, लेकिन कंपनी का कोई उचित खरीददार न मिलने के कारण यह फैसला टल गया था। वहीं साल 2018 में जब कंपनी को बेचने का फैसला लिया गया था तब खरीदार को कंपनी के कर्ज की रकम में से 33,392 करोड़ रुपए चुकाना था। साथ ही खरीददार को कंपनी के मैनेजमेंट का कंट्रोल भी नहीं मिलता उसे सरकार अपने पास ही रखना चाहती थी। शायद यही कारण था कि, कंपनी पहले नहीं बिक सकी।

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क्यों दिखा रही कंपनियां रूचि :

काफी समय से एअर इंडिया कंपनी बहुत घाटे में चल रही है, लेकिन फिर भी कई समूह इसकी हिस्सेदारी पाने की इच्छा जता रहे हैं इसका कारण कंपनी के मौजूद व्यापक घरेलू के साथ ही अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, ट्रैफिक राइट और लंदन, दुबई जैसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट पर स्लॉट का होना है। इतना ही नहीं कंपनी के पास बहुत बड़ी टेक्निकल मैनपावर और फ्लीट भी मौजूद है। जिसको देख कर इच्छुक समूह काफी प्रभवित हैं।

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Air India का इतिहास :

Air India की शुरुआत साल 1932 में टाटा समूह ने 'टाटा एयरलाइन्स' के नाम से शुरू की थी, लेकिन साल 1946 में इस कंपनी का नाम बदलकर Air India कर दिया गया। साल 1953 में जब नेशनलाइजेशन हुआ तब डोमेस्टिक मूवमेंट के लिए इंडियन एयरलाइन्स और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए Air India को चुना गया। Air India की दोनों कंपनियों ने मिलकर एक वायुदूत कंपनी शुरू की, इसी कंपनी का साल 1993 में इंडियन एयरलाइन्स से समझौता हो गया। इससे फायदा होने की जगह कंपनी कर्ज में डूबने लगी।

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इसके बाद साल 2005 में कंपनी ने 111 हवाई जहाज खरीदे जिससे कंपनी के ऊपर 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और बढ़ गया। इसके बाद साल 2007 में एअर इंडिया (Air India) और इंडियन एयरलाइन्स (Indian Airlines) का समझौता हो गया। ये समझौता कंपनी के लिए नुकसान का समझौता साबित हुआ। इसके बाद से कंपनी को लगातार नुकसान होता ही चला गया और कंपनी एक बड़े कर्ज में डूब गई। वहीं साल 2018-19 में भी Air India को 8,556.35 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था।

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Air India से जुड़ी कुछ खास बातें :

  • Air India कंपनी में लगभग 13629 कर्मचारी कार्यरत हैं।

  • कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों के कुल 12 संगठन हैं।

  • यह बात बहुत कम लोग ही जानते हैं कि Air India एयरलाइन्स 88 साल पहले टाटा समूह द्वार शुरू की गई थी।

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