सरकार का बड़ा फैसला, लगाया गेहूं निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध
सरकार का बड़ा फैसला, लगाया गेहूं निर्यात पर तत्काल प्रतिबंधसांकेतिक चित्र

सरकार का बड़ा फैसला, लगाया गेहूं निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध

कृषि क्षेत्र में गेहूं की कीमतें बढ़ती जा रही है। इन बढ़ती कीमतों के चलते ही केंद्र सरकार को तत्काल प्रभाव से बड़ा फैसला लेना पड़ा। इस फैसले के तहत सरकार ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

राज एक्सप्रेस। देश में कोरोना की एंट्री के बाद से सबसे ज्यादा अगर कोई चीज बढ़ी है तो वो महंगाई ही है। आज भारत के हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ती जा रहगी है। किसी इंडस्ट्री की बात करें तो रौ मटेरियल (कच्चे माल) की कीमतें बढ़ती जा रही है। ऑटो सेक्टर की बात करें तो, वाहन निर्माण में लगने वाली चिप के दाम बढ़ते जा रहे है। वहीं, यदि कृषि क्षेत्र की बात करें तो गेहूं की कीमतें बढ़ती जा रही है। इन बढ़ती कीमतों के चलते ही केंद्र सरकार को तत्काल प्रभाव से बड़ा फैसला लेना पड़ा। इस फैसले के तहत सरकार ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला :

दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर अन्य देशों पर भी बढ़ता जा रहा है। इन देशों में भारत का नाम बड़े स्तर पर शामिल है। इन सब के चलते देश में महंगाई तो बढ़ ही रही है महंगाई के कारण सरकार कठोर फैसले लेने पर मजबूर हो रही है केंद्र सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। गेहूं को प्रतिबंधित श्रेणी में बढ़ रही उसकी कीमतों के कारण रख दिया गया है। इस मामले में सरकार द्वारा सामने आए बयान में कहा गया है कि, 'देश की खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। साथ ही पड़ोसी देशों और गरीब देशों का समर्थन करने के लिए भी ऐसा करना जरूरी था।' हालांकि, जिन देशों को पहले ही इसके निर्यात की अनुमति मिल चुकी थी, उन देशों में निर्यात किया जाएगा। इस बारे में DGFT ने 13 मई को एक अधिसूचना जारी की थी।

DGFT द्वारा जारी अधिसूचना :

बताते चलें, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा कल यानी 13 मई को जारी अधिसूचना में कहा गया था कि, अधिसूचना जारी करने की तारीख तक या उससे पहले तक जिन देशों को भेजी जाने वाली खेप के लिए अपरिवर्तनीय ऋण पत्र (LOC) जारी किए गए हैं, उसके निर्यात की अनुमति है। बता दें, रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते ही दुनियाभर में गेहूं की कीमतों में जोरदार बढ़त दर्ज हो रही है। इसी का असर है कि, भारत के घरेलू मार्केट में भी गेहूं की कीमत बढ़ गई है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक होते हुए भी भारत में गेहूं की कीमतें बढ़ती हुई ही नजर आरही है। ऐसे में किसानों को गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ज्यादा कीमत बाजार में मिल रही है।

गेहूं का रिकॉर्ड निर्यात हुआ :

बताते चलें, देश ने वित्त वर्ष 2021-22 में देखे तो कुल 70 लाख टन गेहूं का निर्यात हुआ है, जबकि पिछले साल अप्रैल 2021 में यह आंकड़ा 14 लाख टन गेहूं के निर्यात का था और यही रिकॉर्ड था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वहां भी गेहूं की कीमतों ने आफत मचा रखी है। क्योंकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों गेहूं की कीमत में 40% से भी अधिक की बढ़त दर्ज हुई है। जिससे गेहूं का निर्यात भी बढ़ा है। गेहूं की कीमत बढ़ने से आटे की कीमत भी ऑटोमेटिक बढ़ जाती है। इन दिनों आटे की कीमत भी आसमान छूती नजर आ रही हैं। जबकि, पिछले साल से तुलना करके देखा जाए तो आटे की कीमत में अब तक लगभग 13% तक बढ़ चुकी है।

DGFT की दूसरी अधिसूचना :

गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से बैन लगाने से जुडी जानकारी देते हुए विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक दूसरी अधिसूचना भी जारी की है। जिसमें बताया गया है कि, 'प्याज के बीज की निर्यात नीति में भी बदलाव किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से सीमित श्रेणी के अंतर्गत ही रखा गया है।' बता दें, इससे पहले प्याज के बीज के निर्यात पर भी प्रतिबंधित लगाया जा चुका है।

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