सरकार बढ़ा सकती है Air India के लिए बोली लगाने की समय सीमा

एयरलाइन कंपनी Air India नुकसान के चलते बिकने की कगार पर आ चुकी है। जिसके लिए बोली की प्रक्रिया चालू है। सरकार Air India एयरलाइन को बेचने के लिए लगने वाली बोलियों के लिए समय सीमा को बढ़ा सकती है।
सरकार बढ़ा सकती है Air India के लिए बोली लगाने की समय सीमा
Government may extended Air India bid deadline Syed Dabeer Hussain - RE

राज एक्सप्रेस। भारत की सरकारी क्षेत्र की हवाई सेवा प्रदान करने वाली एयरलाइन कंपनी Air India नुकसान के चलते बिकने की कगार पर आ चुकी है। जिसके लिए बोली की प्रक्रिया चालू है। बहुत समय नुकसान के चलते ही केंद्र सरकार ने Air India एयरलाइन को बेचने की योजना बनाई थी। जिसके लिए फिलहाल बोलियां लगाई जा रही हैं। इसके अलावा अब खबरे यह हैं कि, सरकार Air India एयरलाइन को बेचने के लिए लगने वाली बोलियों के लिए समय सीमा को बढ़ा सकती है।

बढ़ाई जा सकती है बोली लगाने की समय सीमा :

दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा नुकसान उठा रही Air India एयरलाइन को खरीदने के लिए बोलीदाताओं को और अधिक समय दे सकती हैं क्योंकि, सरकार बोली लगाने की समय सीमा को बढ़ाने का विचार कर रही हैं। यदि सरकार द्वारा यह समय सीमा बधाई जाती हैं तो, ये अबधि बढ़कर 15 दिसंबर तक की जा सकती है। इसके अलावा सरकार संभावित खरीदारों को आकर्षित करने के उदेश्य से असेट वैल्यूएशन के नियमों को सरल बना सकती है। सरकार इसे इंटरप्राइज वैल्यू पर बोली लगा सकती है।

वर्तमान समय सीमा :

बताते चलें, वर्तमान समय में बोली लगाने की समय सीमा 30 अक्टूबर तक की है। यदि यह समय सीमा बढ़ती है तो, बोलीदाताओं को 15 दिन की मोहलत और मिल जाएगी। खबरों की मानें तो, Air India को खरीदने के लिए बोलीदाताओं को पूरी कंपनी के लिए बोली लगाने को कहा जाएगा। जितनी राशि की भी बोली लगेगी उसमे से 85% राशि कर्ज चुकाने में चली जाएगी इसके अलावा बाकि की बची राशि सरकार के हिस्से में आ जाएगी। इसके अलावा विनिवेश की तारीख बढ़ाई गई तो, यह पांचवां विस्तार होगा। Air India एयरलाइन पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है।

20 सालों से चल रही बेचने की प्रक्रिया :

बताते चलें, Air India एयरलाइन बीते 20 सालों से बुरी तरह नुकसान में ही चल रही हैं और सरकार कंपनी को बेचने की कोशिश कर रही है। जबकि सरकार द्वारा Air India में 60% हिस्सेदारी बेचने के लिए मंजूरी 27 मई 2000 को ही दे दी गई थी, परंतु उस समय कंपनी बिकी नहीं थी और तब से कंपनी को बेचने की प्रक्रिया अभी तक चालू हैं। इसके अलावा जब साल 2017 के मई में नीति आयोग ने CPSE के विनिवेश की सिफारिश की थी, तब Air India का नाम भी शामिल था।

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