कोरोना के चलते प्रभावित हुई कंपनियों के लिए वित्त मंत्री का राहत भरा ऐलान
Government plans to extend suspension of fresh insolvency proceedings till march 2021सोशल मीडिया

कोरोना के चलते प्रभावित हुई कंपनियों के लिए वित्त मंत्री का राहत भरा ऐलान

देश में कोरोना के कारण अभी भी कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं जिन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से किये गए ऐलान काफी राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।

राज एक्सप्रेस। देश में कोरोना के कारण पहले ही आर्थिक मंदी छाई हुई है। ऐसे हालातों के बीच देश की सरकार कई बार राहत पैकेज का ऐलान कर चुकी है। वहीं अभी भी कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं जिन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। कई कंपनियां तो अभी भी कर्ज में डूबी हुई है। ऐसे में अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से किये गए ऐलान काफी राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।

वित्त मंत्री का ऐलान :

दरअसल, भारत सरकार कोरोना संकट के बीच इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत कई कंपनियों को राहत देने पर विचार कर रही है। इस बारे में जानकारी वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने दी। उन्होंने बताया कि,

सरकार इन्सॉल्वेंसी बैंकरप्सी कानून के तहत किसी भी तरह की नई कार्रवाई को और तीन महीने के लिए निलंबित रखने की योजना बना रही है। इससे उन कंपनियों को फायदा मिलेगा जिनका काम कोरोना काल में प्रभावित हुआ। इसके अलावा सरकार ने कंपनियों और लोगों की मदद के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं। इसके तहत टैक्स जमा करने की समयसीमा को भी बढ़ाया गया है।'
निर्माला सीतारमण, वित् मंत्री

वित्त मंत्री ने बताया :

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि, 'सरकार ने कंपनियों और लोगों की मदद के लिये कई उपाय किये हैं, जिसमें कर भुगतान की तारीख को आगे बढ़ाया जाना भी शामिल है। न केवल अनुपालन के मामले में बल्कि कराधान से संबंधित भुगतान की समयसीमा आगे बढ़ाकर भी राहत दी गयी है। इन सबका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी को कठिनाई नहीं हो। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सरकार ने IBC के तहत कार्रवाई शुरू करने के मामले में फंसे कर्ज की न्यूनतम सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी थी। इससे मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME) को कर्ज लौटाने में चूक को लेकर दिवाला कानून के तहत किसी भी तरह की कार्रवाई से राहत मिलेगी।'

जून में लागू हुआ था अध्यादेश :

सीतारमण ने आगे कहा, 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत नया मामला लाने की कार्रवाई को निलंबित रखने की मियाद को भी 25 दिसंबर से और तीन महीने के लिए यानी 31 मार्च 2021 तक निलंबित किया जा सकता है।' गौरतलब है कि, नई इन्सॉल्वेंसी कार्रवाई को निलंबित रखने को लेकर जून में अध्यादेश लागू किया गया था। जो कि, 25 मार्च से प्रभाव में आया है।

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