Committee For GST Refund
Committee For GST Refund|Kavita Singh Rathore -RE
व्यापार

GST रिफंड में धोखाधड़ी पर रोक लगाने हेतु सरकार ने की समिति गठित

अब GST के रिफंड में धोखाधड़ी पर रोक लगेगी, क्योंकि इन मामलों से जुड़ी घटनाओं को देखने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा समिति का गठन किया गया है, जो एक विस्तृत SoP तैयार करेगी।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • अब नहीं होंगी GST के रिफंड में धोखाधड़ी

  • केंद्र और राज्य सरकारों ने किया समिति का गठन

  • समिति का कार्य एक विस्तृत SoP को तैयार करना

  • समिति का गठन रेवेन्यू सचिव की अध्यक्षता में हुआ

राज एक्सप्रेस। सरकार द्वारा लागू की गई प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर लगने वाले कई टैक्सों के बदले एक गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स (GST) के रिफंड में कई समय से चोरी, फर्जी रिफंड और धोखाधड़ी की खबरें सामने आ रही थीं। इसको रोकने के लिए और इन पर लग़ाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने एक समिति का गठन कर दिया है।

क्या करेगी यह समिति ? :

सरकारों द्वारा गठित समिति का कार्य एक विस्तृत मानक परिचालन प्रोसेस (SoP) को तैयार करना है, इस प्रोसेस से एक निश्चित समय सीमा में जांच और उपाए किये जा सकेंगे, जिससे धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी। इसके अलावा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, निर्यात-आयात से जुड़ी धोखाधड़ी और धोखाधड़ी करके होने वाले रिफंड के सभी बड़े मामलों पर रोक लगेगी। इस विस्तृत मानक परिचालन प्रोसेस (SoP) का क्रियान्वय देशभर में जनवरी के अंत तक हो जाने की उम्मीद है।

सरकार का ध्यान :

वहीं सरकार का ध्यान रिस्की और नए निर्यातकों के IGST रिफंड को उनके विदेशी मुद्रा की आमदनी से जोड़ने पर भी है। सरकार जल्द ही इसके लिए भी कोई कदम उठाएगी जिससे IGST के फर्जी रिफंड से जुड़े मामलों के हो रहे दावों पर नियंत्रण पा सकेंगे। बताते चलें कि, इस समिति का गठन रेवेन्यू सचिव अजय भूषण पांडेय की अध्यक्षता में हुई GST कान्फ्रेंस में हुई, जो दूसरी राष्ट्रीय GST कान्फ्रेंस थी।

GST कान्फ्रेंस में यह लोग हुए शामिल :

GST कान्फ्रेंस में रेवेन्यू सचिव अजय भूषण पांडेय के अलावा सेंट्रल टैक्स जोन, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBIC), CBDT के देश भर के सभी चीफ कमिश्नर, राज्यों के टैक्स कमिश्नरों और डायरेक्टर FIU सहित कई बड़े अधिकारी भी शामिल हुए थे। साथ ही सहमति के लिए इन सभी के ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। इस प्रकार एप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफेस के द्वारा आंकड़ों का आदान प्रदान किया जा सकेगा।

अधिकारी का कहना :

वहीं एक अधिकारी ने अपना बयान देते हुए कहा कि, "इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) के रिफंड दावों में धोखाधड़ी के मद्देनजर जोखिम वाले और नए निर्यातकों के लिए विदेशी विनिमय रेमिटेंस और IGST रिफंड को जोड़ने की संभावना तलाशी जा रही है।"

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