सरकार होगी Vodafone Idea की मालिक, फिर भी नहीं मिलेगा यह हक़
सरकार होगी Vodafone Idea की मालिक, फिर भी नहीं मिलेगा यह हक़Kavita Singh Rathore -RE

सरकार होगी Vodafone Idea की मालिक, फिर भी नहीं मिलेगा यह हक़

अब Vodafone Idea कंपनी का संचालन सरकार करेगी। बेशक सरकार के पास कंपनी की हिस्सेदारी होगी, उसके बाद भी कंपनी में सरकार का कोई मुख्य रोल नहीं होगा।

राज एक्सप्रेस। आज भारत में सबसे ज्यादा घाटे में चलने वाली टेलिकॉम कंपनी देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) है। पिछले महीनों ऐसी खबर सामने आई थी कि, इस कंपनी पर अब सरकार का मालिकाना हक़ होगा। वहीं, अब यह खबर सामने आई है कि, भले ही Vodafone Idea कंपनी का संचालन सरकार करे और बेशक सरकार के पास ही कंपनी का सबसे ज्यादा हिस्सा होगा, उसके बाद भी कंपनी में सरकार का कोई मुख्य रोल नहीं होगा।

सरकार होगी Vodafone Idea की मालिक :

दरअसल, ऐसी खबरें सामने आई हैं कि, Vodafone Idea कंपनी की मालिक अब सरकार होगी, लेकिन उसके बाद भी सरकार न तो कंपनी के बोर्ड में होगी और न ही ऑपरेशन में शामिल होगी। जबकि सरकार के पास ही कंपनी की ज्यादा हिस्सेदारी है। इस मामले में अब यह फैसला लिया गया है कि, Vodafone Idea कंपनी के ऑपरेशन और सब कुछ पहले की ही तरह चलाएगी। सरकार को केवल कंपनी की 35.80% हिस्सेदारी दी गई है और सरकार उतने हिस्से की ही मालिक होगी। सरकार का कोई भी अधिकारी इसके बोर्ड में शामिल नहीं हो सकेगा। इसके अलावा इसे सरकारी कंपनी की उपाधि नहीं मिलेगी यानि यह प्राइवेट कंपनी ही रहेगी।

Vodafone Idea देगी कर्ज की जगह इक्विटी :

खबरों की मानें तो, जब Vodafone Idea के हालत आज की तुलना में सही हो जाएंगे या ये कहे कंपनी का कर्ज उतर जाएगा तब सरकार इसमें से कंपनी से हिस्स्सेदारी छोड़ने की योजना पर काम करेगी। बता दें, सरकार किसी भी घाटे में चल रही कंपनी को सरकारी राहत पैकेज देती है। वहीं, VI ने सरकार को इस राहत पैकेज के बदले कर्ज की जगह इक्विटी देने का फैसला किया है। इस मामले में जल्द ही डिपॉर्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (Dot) वित्त मंत्रालय से चर्चा करेगा, जिससे कर्ज को इक्विटी में बदलने की प्रोसेसस पूरी की जा सके। सरकार की इसके पीछे की रणनीति यह है कि, 'निवेशकों का विश्वास कंपनी में बना रहे।'

Vodafone Idea का AGR :

बताते चलें, सभी टेलिकॉम कंपनियों में से सबसे ज्यादा एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) Vodafone Idea का ही शेष बचा है। क्योंकि, कंपनी ने पिछले साल AGR की बकाया रकम में से 1,000 करोड़ रुपए का और भुगतान किया था। इस भुगतान के जरिए कंपनी के कुल AGR भुगतान 1,000 करोड़ और बढ़कर 7,854 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी AGR की राशि का भुगतान किश्तों में कर रही है। कंपनी पहले तीन किस्तों में 6,854 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है और कंपनी ने चौथी किश्त पिछले साल जमा की थी। जबकि, कंपनी के स्पेक्ट्रम की रकम और उसका ब्याज भी बकाया है। इसी के आधार पर सरकार को 35.8% हिस्सेदारी मिलेगी।

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