भारत-यूके के बीच वित्तीय सहयोग को मजबूत करने की बड़ी संभावनाएं
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भारत-यूके के बीच वित्तीय सहयोग को मजबूत करने की बड़ी संभावनाएं

भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच वित्तीय सेवा सहयोग को मजबूत बनाने की अपार संभावनायें मौजूद हैं।

नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) (यूके) के बीच वित्तीय सेवा सहयोग को मजबूत बनाने की अपार संभावनायें मौजूद हैं। भारत और यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) (यूके) ने कल देर शाम वर्चुअल माध्यम से भारत-यूके फाइनेंशल मार्केट डायलॉग (वित्तीय बाजार संवाद -- ''संवाद") की उद्घाटन बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में यह बात कही है। वित्त मंत्रालय द्वारा आज यहां जारी बयान के अनुसार वित्तीय सेक्टर में द्विपक्षीय सम्बंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिये अक्टूबर 2020 में 10वें आर्थिक और वित्तीय संवाद (ईएफडी) की स्थापना की गई थी।

वित्तीय सहयोग, 2030 रोडमैप की बुनियाद है, जो दोनों देशों ने अपने प्रधानमंत्रियों की हाल ही में हुई मुलाकात के दौरान अपनाया था। इन सेवाओं को मद्देनजर रखते हुये, दोनों पक्ष इस बात पर एकमत थे कि भारत और यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) (यूके) के बीच वित्तीय सेवा सहयोग को मजबूत बनाने की अपार संभावनायें मौजूद हैं।

इस संवाद में भारतीय पक्ष से वित्त मंत्रालय के अधिकारी और यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) (यूके) की तरफ से वहां के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में भारत और यूके की स्वतंत्र नियामक एजेंसियों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, बैंक ऑफ इंग्लैंड और फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी शामिल थे। भारतीय और यूके के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने दायित्वों वाले क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर अपना नजरिया साझा किया।

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