छोटी कंपनियों ने लोकल कोल्ड ड्रिंक पर बढ़ाई GST की दर
छोटी कंपनियों ने लोकल कोल्ड ड्रिंक पर बढ़ाई GST की दरSocial Media

छोटी कंपनियों ने लोकल कोल्ड ड्रिंक पर बढ़ाई GST की दर

मार्केट में कुछ बड़ी सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों के अलावा कुछ छोटी कंपनियां भी हैं जो अपने कोल्ड ड्रिंक बेचती हैं। इन पर अब सरकार ने GST की दर बढ़ाने का फैसला किया है।

राज एक्सप्रेस। देश में कई तरह के सॉफ्ट ड्रिंक की कंपनियां है, जो मार्केट में अपने अपने ड्रिंक्स बेचती है। इसमें ज्यादातर प्रमुख तौर पर लोग Coca cola और Pepsi जैसे बड़े ब्रांड के सॉफ्ट ड्रिंक पसंद करते हैं। शायद यही वजह है कि, यह कंपनियां अपने प्रोडक्ट की कीमतें लगातार बढ़ा रही हैं। वहीं, कुछ छोटी कंपनियां भी हैं जो अपने कोल्ड ड्रिंक बेचती है। इन पर अब सरकार ने GST की दर बढ़ाने का फैसला किया है।

लोकल कोल्ड ड्रिंक पर बढ़ी GST की दर :

देश में आज हर उम्र के लोग कोल्ड ड्रिंक पीना पसंद करते हैं। कई बड़े कोल्ड ड्रिंक ब्रांड मार्केट में चलन में है। इन्हीं ब्रांड्स के बीच कुछ छोटी कंपनियां भी है जो, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में अपने कोल्ड ड्रिंक बेचती हैं। चलिए, उदहारण से समझते है जैसे Coca cola और Pepsi जैसे बड़े कोल्ड ड्रिंक ब्रांड की आधे लीटर की बोतल यदि 40 रूपये की मिलती है तो वहीं, छोटी कंपनियां अपनी कोल्ड ड्रिंक की आधे लीटर की बोतल 10 से 20 रूपये के बीच में बेचती हैं, लेकिन अब सरकार ने स्थानीय स्तर पर बनाने वाले कोल्ड ड्रिंक पर भी GST की दरें बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।

इतनी बढ़ाई गई कीमत :

बताते चलें, सॉफ्ट ड्रिंक्स बनाने वाली कई छोटी कंपनियों द्वारा कीमत में 2 तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, कई कंपनियां 10 रूपये की बोतल में कितनी कीमत बढ़ाई जाये इस बारे में ही विचार कर रही है। बता दें, वर्तमान समय में देशभर में सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली सभी कारोबारियों ने कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक बनाने बंद कर दिए है क्योंकि उनका मानना है कि, इन ड्रिंक्स में फ्रूट जूस मिलाने पर उन्हें कम टैक्स चुकाना पड़ेगा। हालांकि, इन ड्रिंक्स में कारोबारी बहुत कम जूस मिलाते थे। क्योंकि फ्रूट जूस को कार्बोनेटेड ड्रिंक में मिलाने के बाद कारोबारियों को 5% अधिक लागत लगती है।

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