HDFC Bank ने पेश की महामारी से प्रभावित हुए विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप
HDFC Bank ने पेश की महामारी से प्रभावित हुए विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप
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HDFC Bank ने पेश की महामारी से प्रभावित हुए विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप

प्राइवेट सेक्टर के 'एचडीएफसी बैंक' (HDFC Bank) ने एक नई स्कॉलरशिप सेवा प्रदान करने की घोषणा की है। जो कि, कोरोना महामारी से प्रभावित हुए विद्यार्थियों के लिए पेश की गई है।

राज एक्सप्रेस। देश के प्राइवेट सेक्टर के बैंक सरकारी बैंको को टक्कर देने के लिए अपने ग्राहकों को एक से इ सुविधाएं और नई सेवाएं प्रदान करने की कोशिश करते हैं। इसी के तहत प्राइवेट सेक्टर के 'एचडीएफसी बैंक' (HDFC Bank) ने एक नई स्कॉलरशिप सेवा प्रदान करने की घोषणा की है। जो कि, कोरोना महामारी से प्रभावित हुए विद्यार्थियों के लिए पेश की गई है।

HDFC Bank की नई सुविधा :

दरअसल, पिछले साल से देश में अब तक कोरोना ने अपना काफी कहर बरपा लिया है। उससे कुछ राहत देने के लिए अब बैंक सहित कई संस्थान उचित कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank ने विद्यार्थियों के लिए कोविड क्राइसिस सपोर्ट स्कॉलरशिप शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि, यह स्कॉलरशिप सिर्फ ऐसे विद्यार्थियों के लिए पेश की गई है जो, कोविड-19 से प्रभावित हुए हैं। बैंक उन्हें स्कॉलरशिप देकर उनकी मदद करना चाहता है। कोविड क्राइसिस सपोर्ट स्कॉलरशिप के तहत विद्यार्थी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए HDFC Bank के परिवर्तन कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

अन्य कोर्स के लिए भी उपलब्ध है योजना :

बैंक द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, कोविड क्राइसिस सपोर्ट स्कॉलरशिप की यह योजना विद्यार्थी के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम के साथ-साथ UG, PG और डिप्लोमा कोर्स करने के लिए भी दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत बैंक विद्यार्थियों को 15 हजार रुपये से लेकर 75 हजार रुपये तक का लमसम अमाउंट देकर मदद देगा। इतना ही नहीं बैंक ने इस योजना के लिए नौ करोड़ रुपये का एक कोष बनाया है।

ऐसे विद्यार्थियों के लिए पेश की योजना :

HDFC Bank ने यह योजना ऐसे विद्यार्थियों के लिए पेश की है, जिन्होंने कोरोना के चलते या तो अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है या किसी एक को खोया है। इतना ही नहीं यदि किसी विद्यार्थी के घर में कमाने वाले को महामारी के दौरान अपने रोजगार से हाथ धो लिए हैं और वह अब बेरोजगार हो गए हैं। इन सभी की जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक ने नौ करोड़ रुपये का कोष बनाया है। बता दें, इस परिवर्तन के दो श्रेणियों के तहत लगभग 3,200 विद्यार्थियों की मदद की जाएगी। इसमें 1,800 स्कूल के विद्यार्थी व 1400 कॉलेज के विद्यार्थी शामिल हैं।

ग्रुप हेड का कहना :

बिजनेस फाइनेंस एंड स्ट्रैटेजी, एडमिनिस्ट्रेशन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रुप हेड सुश्री आशिमा भट्ट ने कहा, 'विद्यार्थी हमारे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा महत्वपूर्ण है। महामारी ने देशभर में कई परिवारों पर गंभीर प्रभाव डाला है, जिससे कई विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुई है। संकट के इस समय में हम उन प्रतिभाशाली युवा व्यक्तियों का समर्थन करने में इच्छुक हैं, जो महामारी के कारण कठिनाईयों से गुजर रहे हैं। एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉरपोरेट नागरिक के रूप में हम हर संभव तरीके से अपना समर्थन देंगे। इसलिए हमने छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया है। जिन विद्यार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय छह लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है और जो भारतीय बोर्ड और विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं वे आवेदन करने के पात्र होंगे। यह बैंक द्वारा संचालित दूसरा छात्रवृत्ति कार्यक्रम है।'

उन्होंने आगे कहा कि, 'HDFC Bank का एक प्रमुख कार्यक्रम- एजुकेशनल क्राइसिस सपोर्ट स्कॉलरशिप (ईसीएसएस) भी है, जिसके तहत मार्च 2021 में आवेदन स्वीकार करना शुरू किया गया था। जून 2021 तक विभिन्न श्रेणियों में 63 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और 3100 नियोजित छात्रवृत्ति में से 800 पहले ही वितरित किए जा चुके हैं। इस प्रवृत्ति को देखते हुए, बैंक ने परिवर्तन की कोविड क्राइसिस सपोर्ट स्कॉलरशिप लॅान्च किया है। छात्रवृत्ति कार्यक्रम का प्रबंधन बड्डी फॅार स्टडी इंडिया फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा जो भारत में सबसे बड़े छात्रवृत्ति प्लेटफार्मों में से एक को होस्ट करेगा।'

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