Iraqi security forces stationed in Baghdad
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मध्यपूर्व संकट गहराया तो अवरुद्ध हो सकता है समुद्री व्यापारिक मार्ग, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी तय

इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले, रेड सी में तेल टैंकरों पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध अब व्यापक संघर्ष में बदल सकता है।

हाईलाइट्स

  • अमेरिका ने अपने बलों के हमले को आवश्यक और आनुपातिक प्रतिक्रिया बताया है।

  • हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा, इसका असर मध्यपूर्व के सभी 16 देशों पर पड़ना तय।

  • कटाएब हिजबुल्लाह शिया मुस्लिम विद्रोही समूह है जिसे अमेरिका संगठन मानता है।

राज एक्सप्रेस। इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हूती चरमपंथियों के ताजा हमले ने इस आशंका को मजबूती दी है कि इजराइल और हमास के बीच गाजा में जारी युद्ध, अब एक व्यापक संघर्ष का रूप से सकता है, जिसकी वजह से मध्य पूर्व अस्थिर हो सकता है। इसका नकारात्मक प्रभाव का मध्यपूर्व में स्थित सभी 16 देशों पर पड़ना तय माना जा रहा है। इराक में अमेरिकी हवाई हमले ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों को लक्षित करके किए गए हैं, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। उधर लाल सागर में हूती हमलों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग को बाधित कर दिया है और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

मध्यपूर्व में एक बार फिर ऩए सिरे से भड़क सकती है हिंसा

गाजा में संघर्ष जारी है, जिससे इजरायल और फिलिस्तीनी हमास के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने का खतरा पैदा हो गया है। मध्यपूर्व अगर अस्थिर हुआ तो इसकी कीमत तेल के मूल्यों में बढ़ोतरी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। और इस तरह एक बड़े मानवीय संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे इस क्षेत्र में हथियारों का प्रसार और आतंकवाद का भी खतरा बढ़ सकता है। इराक और लाल सागर में हालिया घटनाएं मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष की संभावना को उजागर करती हैं। इस तरह के संघर्ष के गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट के कारण हो सकते हैं।

ईरान का सहयोगी है आतंकी संगठन कटाएब हिजबुल्लाह

अंतरराष्ट्रीय समुदाय संघर्ष को कम करने और शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पेंटागन ने कटाएब हिजबुल्लाह से जुड़े इराक के तीन ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है। बता दें कि कटाएब हिजबुल्लाह एक शिया मुस्लिम विद्रोही समूह है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका एक आतंकवादी संगठन मानता है। समूह ईरान का करीबी सहयोगी है और यह इराक और सीरिया में अमेरिकी हितों पर लगातार हमले करता रहता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लायड आस्टिन ने कहा कि अमेरिकी बलों ने इराक में कटाएब हिजबुल्लाह से जुड़े तीन ठिकानों पर हमले किए हैं।

ऑस्टिन बोले तनाव बढ़ाना मकसद नहीं, पर हमारे हित अहम

लायड आस्टिन ने कहा ईरान द्वारा समर्थित इराकी विद्रोही समूह ने अमेरिकी ठिकाने पर हमला किया था, जिसमें 3 अमेरिकी कर्मचारी घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि हम क्षेत्र में संघर्ष बढ़ाने का प्रयास नहीं कर रहे, लेकिन हमें अपने लोगों और अपनी सुविधाओं की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि यह पूरी तरह से हमारी प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई है। मंगलवार को, ईरान समर्थित यमन-आधारित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में तेल से लदे जहाजों पर अपने हमले फिर से शुरू कर दिए। एमएससी मेडिटरेनियन शिपिंग कंपनी ने पुष्टि की कि कंटेनर पर एमएससी यूनाइटेड आठवी पाकिस्तान के रास्ते में अटैक किया गया।

2014 से यमन के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं हूती विद्रोही

उन्होंने बताया इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उल्लेखनीय है कि यह हमला लाल सागर में जहाजों पर हूती विद्रोहियों का नवीनतम हमला है। पिछले माह, उन्होंने कई जहाजों पर हमला किया है, जिसमें एक इजरायली मालवाहक जहाज भी शामिल था। इन हमलों के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। बता दें कि हूती विद्रोही यमन में शिया मुस्लिम समूह हैं जो 2014 से यमन सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। हूती विद्रोहियों का ईरान का समर्थन प्राप्त है।

एशिया को यूरोप से जोड़ता है रेड सी से गुजरने वाला मार्ग

उल्लेखनीय है कि लाल सागर एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है जो एशिया को यूरोप से जोड़ता है। हूती विद्रोहियों के हमले से वैश्विक व्यापार बाधित हो गया है। हमले के खतरे को देखते हुए तेलों से लदे टैंकर इस मार्ग से गुजरने से परहेज करने लगे हैं। इसकी वजह से तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। पिछले दिनों में तेल की कीमतों में आई तेजी के पीछे यही वजह है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में बताया कि अमेरिकी विध्वंसक और एफ/ए-18 लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लाल सागर पर हूतियों के 12 हमलावर ड्रोन्स, 3 जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलों और 2 जमीनी अटैक क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है।

जहाजों का परिचालन रुकने से ठप हुआ व्यापारिक कारोबार

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि हूतियों के हमले में किसी जहाज को नुकसान नहीं हुआ है। इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। लाल सागर में जहाजों पर हुए हालिया हमलों के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका और कई अन्य देशों ने समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक संयुक्त समुद्री टास्क फोर्स का गठन किया है। यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के अमेरिकी दावे के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंटेनर लाइन, ए.पी. मोरे-माअर्स्क ए/एस ने कहा अब वह लाल सागर के इस समुद्री मार्ग पर फिर से समुद्री जहाजों का परिचालन शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस समुद्री मार्ग पर संकट अब भी बरकरार है। अगर इस मार्ग पर तेल टैंकरों के परिचालन में गतिरोध जारी रहा, तो अगले दिनों में तेल की कीमतें तो बढ़ेंगी ही, मध्य पूर्व में तनाव भी बढ़ जाएगा।

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