GST काउंसिल की 45वीं बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, यह लोग हुए शामिल
GST काउंसिल की 45वीं बैठक में लिए गए कई अहम फैसलेSocial Media

GST काउंसिल की 45वीं बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, यह लोग हुए शामिल

आज GST काउंसिल की 45वीं बैठक का आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया गया। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही कई बड़े फैसले लिए गए। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू की गई और कई घंटों तक चली।

राज एक्सप्रेस। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू होने के बाद से ही लगातार GST में बदलावों के लिए काउंसिल बैठक की जाती है। इस बैठक में मुख्य भूमिका वित्त मंत्री की होती है जो कि, वर्तमान समय में निर्मला सीतारमण है। उनकी अध्यक्षता आज शुक्रवार 17 सितंबर, 2021 को GST काउंसिल की 45वीं बैठक का आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया गया। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की की गई। साथ ही कई बड़े फैसले लिए गए। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू की गई और कई घंटों तक चली।

GST काउंसिल की 45वीं बैठक :

दरअसल, आज वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में GST काउंसिल की 45वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक को लेकर एसी उम्मीद की गई थी कि, इस बैठक में चार दर्जन से ज्यादा वस्तुओं पर टैक्स की दर को लेकर समीक्षा हो सकती है। साथ ही कोरोना महामारी में इस्तेमाल होने वाली 11 दवाओं पर टैक्स में छूट को बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता था। वहीं, अब यह बैठक हो चुकी है तो इस बैठक में जिन मामलों पर चर्चा हुई और जिनपर फैसले लिए गए। उन मुद्दों पर एक नजर डालें।

बैठक में छेड़ा गया पेट्रोल और डीजल का मुद्दा :

इस बैठक से उम्मीद की जा रही थी कि, पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लिया जाएगा, लेकिन देश के राज्यों ने पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। इस विरोध पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा है कि, 'यह मुद्दा केरल हाई कोर्ट के ऑर्डर पर बैठक के एजेंडे में आया। GST के सदस्यों ने इसका विरोध किया। काउंसिल ने माना कि, यह पेट्रोलियम उत्पादों को GST में लाने का सही समय नहीं है। पेट्रोल और डीजल को GST में शामिल करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। कई राज्यों ने कहा कि, वे पेट्रोलियम प्रॉडक्टस को जीएसटी में नहीं लाना चाहते हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद यह तय हुआ है कि काउंसिल को यह बात केरल हाई कोर्ट को बतानी चाहिए कि इस मामले पर चर्चा हुई है। काउंसिल ने महसूस किया कि, पेट्रोल और डीजल को GST में लाने का यह सही समय नहीं है।

बैठक में लिए गए अहम फैसले :

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया,

  • काउंसिल ने कोरोना महामारी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर GST छूट 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, यह छूट केवल दवाओं पर बढ़ाई गई है, मेडिकल इक्विपमेंट्स पर नहीं।

  • 31 दिसंबर तक Amphotericin B और Tocilizumab पर कोई GST नहीं वसूला जाएगा।

  • काउंसिल ने साथ ही मस्कुलर एट्रॉफी के इलाज में काम आने वाली दवाओं Zolgensma और Viltepso को भी GST में छूट देने का फैसला किया है। बता दें, यह एसी खास दवाएं हैं जिनकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है।

  • GST में मिलने वाली छूट पर्सनल यूज के लिए आयात की जाने वाली दवाओं पर भी दी जाएगी।

  • कैंसर संबंधी ड्रग्स जैसे कीट्रूडा (keytruda) पर GST की दर को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।'

  • लीज पर लेने के लिए विमानों के आयात पर IGST नहीं लगेगा।

  • रेलवे पार्ट और लोकोमोटिव्स पर GST की दर को 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया है।

  • बायोडीजल पर GST की दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है।

  • GST काउंसिल ने गुड्स कैरीज के लिए राज्यों द्वारा ली जाने वाली नैशनल परमिट फीस में छूट देने का ऐलान किया है।

  • Zomato और Swiggy जैसी फूड डिलीवरी कंपनियों पर कोई नया टैक्स नहीं है।

बैठक में यह लोग हुए शामिल :

बताते चलें, आज लखनऊ में आयोजित की गई GST काउंसिल की 45वीं बैठक में गुजरात को छोड़कर लगभग सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हुए। साथ ही केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी सहित केंद्र सरकार तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारीयों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। बता दें, पिछले साल यह बैठक विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई थी। देश में कोरोना महामारी के बीच आमने-सामने बैठकर हुई यह परिषद की पहली बैठक रही। जानकारी के लिए बता दें, देश में GST टैक्स 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था।

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