भारत का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार लुढ़का
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडारSyed Dabeer Hussain - RE

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार और स्वर्ण भंडार लुढ़का

RBI द्वारा जारी तजा आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (IMF) कुछ लुढ़कता हुआ सा नजर आरहा है। इतना ही नहीं इसके साथ ही देश के स्वर्ण भंडार की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है।

राज एक्सप्रेस। देश में जितना भी विदेशी मुद्रा भंडार जमा होता है, उसके आंकड़े समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए जाते हैं। वहीं, अब RBI ने एक बार फिर नए आंकड़े जारी कर दिए हैं। जिनके अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (IMF) कुछ लुढ़कता हुआ सा नजर आरहा है। इतना ही नहीं इसके साथ ही देश के स्वर्ण भंडार की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है।

RBI के ताजा आंकड़े :

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी तजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5 फरवरी 2021 को समाप्त सप्ताह में 6.24 अरब डॉलर (लगभग 45000 करोड़ रुपए) घटकर 583.945 अरब डॉलर पर आ पहुंचा। जबकि पिछले सप्ताह में समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.852 करोड़ डॉलर बढ़कर 590.185 अरब डॉलर की सर्वकालिक ऊंचाई पर था। RBI के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) के घटने के चलते मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक अहम भाग मानी जाती है।

आंकड़ों के अनुसार FCA :

RBI के साप्ताहिक आंकड़ों पर नजर डालें तो, समीक्षाधीन अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) 4.88 अरब डॉलर घटकर 542.338 अरब डॉलर रह गयी। बता दें, FCA को डॉलर में दर्शाया जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्रा सम्पत्ति भी शामिल होती हैं।

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू :

बताते चलें, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी तजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज की गई है। यह घटकर 11.327 अरब डॉलर घटकर 34.967 अरब डॉलर पर आ पहुंची है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) में देश का स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) 60 लाख डॉलर घटकर 1.503 अरब डॉलर हो गया। जबकि IMF के पास आरक्षित मुद्रा भंडार 2.7 करोड़ डॉलर घटकर 5.138 अरब डॉलर रहा।

क्या है विदेशी मुद्रा भंडार ?

कई लोगों को विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का मतलब नहीं पता होगा तो, हम उन्हें बता दें, किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी अच्छी बात होती है। इसमें करंसी के तौर पर ज्यादातर डॉलर होता है यानि डॉलर के आधार पर ही दुनियाभर में कारोबार किया जाता है। बता दें, वर्तमान में डॉलर की तुलना में भारतीय करंसी 75 रुपये से ज्यादा है। यानि कि, एक डॉलर 75 रुपये से ज्यादा है।

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