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ICF से वंदे भारत ट्रेन के 44 रैक खरीदेगा इंडियन रेलवे

बोली 24 मार्च 2020 को 14:15 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती है। बोली के पूर्व सम्मेलन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई के डिजाइन एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग में बैठक कक्ष में 23 जनवरी को 10:30 बजे होगा।

Neelesh Singh Thakur

हाइलाइट्स :

  • लाइट-बिजली-पानी, इलेक्ट्रॉनिक इक्विप्ट डिवाइस होंगी खास

  • इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में होगा मॉर्डनाइजेशन

  • 16 कोच प्रत्येक के 44 ट्रेन सेटों के लिए की आपूर्ति निविदा जारी

राज एक्सप्रेस। भारतीय रेल ने आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) से वंदे भारत रेलगाड़ियों की 44 रैक खरीदने की जानकारी दी है। विद्युत उपकरण और अन्य वस्तु की आपूर्ति के लिए प्रकाशित निविदा में सुविधाओं के बारे में उल्लेख है। भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय की साइट पर प्रकाशित रेल मंत्रालय की जानकारी में इस बात को जाहिर किया गया।

44 ट्रेन सेटों में 16 कोचों का स्लॉट :

प्रकाशित निविदा में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने 44 ट्रेन सेटों के लिए प्रत्येक ट्रेन 16 कोचों के स्लॉट के लिए बिजली के उपकरण और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति के बारे में सूचना दी गई है। यह अधिकतम संभावित बोलीदाताओं को कॉम्पटीटिव बनाने के लिए आरडीएसओ के विनिर्देशों और विक्रेता तटस्थता का अनुपालन सुनिश्चित करती है। यह उच्च गति वृद्धि/मंदी और अभिविराम तथा प्रतिवर्तन काल में कमी के माध्यम से यात्री प्रवाह क्षमता में सुधार लाती है।

समय में 20% की वास्तविक बचत :

निविदा में जिक्र है कि संशोधित विनिर्देश प्रोटोटाइप रैक में रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त द्वारा बताए गए सुधारों का ध्यान रखा जाएगा और यह परिचालन की सरलता और बेहतर यात्री सुविधा के साथ अधिक विश्वसनीय सेवा प्रदान करेगा। इन आधुनिक रेलयात्री कोच से यात्रा समय में 20% की वास्तविक बचत होगी। इन रेल कोच को भारी बारिश की स्थिति में बाढ़ से प्रभावित होने वाले रेल ट्रेक के लिहाज से भी खासा मॉडिफाई किया गया है।

मोदी-शाह की हरी झंडी :

गौरतलब है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 15 फरवरी को नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर वंदे भारत ट्रेन के पहले रन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद नई दिल्ली और श्री माता वैष्णोदेवी कटरा के बीच ऐसी दूसरी ट्रेन सेट सर्विस को भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को रवाना किया।

मेक इन इंडिया प्लान :

भारत सरकार के मेक इन इंडिया प्लान के अहम हिस्सों में शामिल मोदी सरकार के कदमों में से एक इस योजना को माना जा सकता है। पहल के हिस्से के रूप में, चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने प्रत्येक 16 कोचों की 44 रेलगाड़ियों के लिए बिजली के उपकरण और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति का टैंडर प्रकाशित किया है।

16 कारों में से 8 मोटर कोच :

यह 50% (आरडीएसओ विनिर्देश संख्या आरडीएसओ/ पीई/विनिर्देश/ईएमयू/0196–2019(आरईवी.0) की खंड संख्या 1.3.12 के अनुसार फॉरमेशन में 16 कारों में से 8 मोटर कोच) पॉवरिंग के साथ अधिकतम सर्विस स्पीड 160 किमी प्रति घंटे का लक्ष्य है। इसके लिए उपयुक्त यात्री और ऑपरेटर से संबंधित गौण वस्तुओं के साथ 3 चरण प्रोपल्सन उपकरण (इलेक्ट्रिक्स) की खरीद के लिए दो पैकेट वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली हेतु एक आमंत्रण है। (निविदा में जिक्र)

अगले साल 24 मार्च :

बोली 24 मार्च 2020 को 14:15 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती है। बोली के पूर्व, सम्मेलन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई के डिजाइन एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग के बैठक कक्ष में 23 जनवरी 2020 को 10:30 बजे आयोजित होगा। यह खरीद उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी यानी डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रैड प्रमोशन (DPIIT) भारत सरकार की "मेक इन इंडिया" नीति के अनुसार करेगा।

कॉर्पोरेट मिशन द्वारा प्रेरित :

यात्री प्रवाह क्षमता में सुधार लाने के लिए भारतीय रेलवे ने वितरित पावरिंग के साथ यात्री रेलगाड़ी शुरू करने की योजना बनाई है। इसमें 25,000 वी एकल चरण 50 हर्ट्ज ओएचई यानी ओवरहेड इक्युप्ड (OHE) पीएसआई यानी पॉवर सप्लाई इंस्टालेशंस (PSI) प्रणाली पर काम पर फोकस है। यह परियोजना 160 केएमपीएच की विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी और यात्री सुविधाओं और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की सर्विस स्पीड के साथ अर्ध उच्च गति वाली ट्रेनें प्रदान करने के कॉर्पोरेट मिशन द्वारा प्रेरित हैं।

सब कुछ हाइटेक :

रेलगाड़ी में सभी कोच दिन की यात्रा के लिए चेअर कार प्रकार के होंगे। सभी रेलगाड़ियों में डीटीसी में कैब एसी, छत पर एचटी उपकरण, इंसुलेटर, जम्पर केबल जैसे जुड़े हुए एसेसीरिज के साथ एचटी केबल असेंबली के माध्यम से 25 केवी रूफ, वेस्टिब्यूल व्यवस्था, रीट्रेक्टेबल फूटस्टेप्स के साथ ऑटोमेटिक प्लग दरवाजे, ऑटोमेटिक इंटर कम्युनिकेशन डोर्स होंगे।

इमरजेंसी टॉक यूनिट्स नेटवर्किंग :

कोच डिस्प्ले, स्पीकर, साइड डेस्टिनेशन बोर्ड आदि से निर्मित पीएपीआईएस, पढ़ने के लिए लैंप के साथ लगेज रैक, सीधी रोशनी (यात्रियों के लिए), निरंतर एलईडी प्रकाश, सभी कोचों में मॉड्यूलर पेंट्री उपकरण और जीपीएस एंटीना, यात्री सीटों में मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट, सभी कोच में सीसीटीवी और इमरजेंसी टॉक यूनिट्स नेटवर्किंग सिस्टम प्रदान किए जाएंगे।

निविदा खास-खास :

निविदा दो पैकेट एकल चरण बोली होगी, जहां बोली लगाने वाले को तकनीकी और वित्तीय बोली के लिए इलेक्ट्रॉनिक बोलियां एक साथ जमा करनी होंगी। तकनीकी बोली पहले खोली जाएगी और योग्य पाए गए प्रस्तावों को योग्य के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

निविदा की आवश्यक तकनीकी और व्यावसायिक आवश्यकता का अनुपालन नहीं करने वाले प्रस्ताव को अनुबंध के पुरस्कार के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा। ऑर्डर पाने के लिए ऑफ़र की तकनीकी और व्यावसायिक उपयुक्तता के मूल्यांकन के बाद, तकनीकी रूप से इन उपयुक्त ऑफ़र के लिए वित्तीय बोली खोली जाएगी।

सुधारों पर फोकस :

संशोधित विनिर्देश प्रोटोटाइप रैक में रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त द्वारा बताए गए सुधारों को फोकस किया गया है। जिसका लक्ष्य परिचालन की सरलता और बेहतर यात्री सुविधा में अधिक विश्वसनीय सेवा प्रदान करना है।

हल्का वजन और सुकून :

इन हल्के वजन ऊर्जा की कुशल रेलगाड़ियों में 4 से कम के पहले के मूल्य के मुकाबले 3.5 से कम का राइड इंडेक्स होगा, जो लंबी यात्रा के लिए भी यात्री आराम में सुधार करेगा। ये अनुकूलित रेलगाड़ियां जम्मू और कश्मीर में परिचालन के लिए भी उपयुक्त होंगी और इलेक्ट्रिक्स का परीक्षण 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निरंतर संचालन के लिए किया जाएगा।

चंद सेकंड में 160 किमी रफ्तार :

ये रेल कोच 140 सेकंड में रेलगाड़ी को 160 किमी प्रति घंटे की शीर्ष गति तक पहुंचाने में सक्षम होंगे। नई रेलगाड़ियों में यात्रा समय में 20% की वास्तविक बचत मिलेगी और सभी उपकरण बाढ़ जैसी आपदा से निपटने में भी कारगर होंगे।

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