औद्योगिक उत्पादन में बढ़त से धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही भारत की अर्थव्यवस्था
संयुक्त राष्ट्र ने भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का भरोसा जतायाSyed Dabeer Hussain - RE

औद्योगिक उत्पादन में बढ़त से धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही भारत की अर्थव्यवस्था

कई देश आर्थिक मंदी से बाहर आते नजर आ रहे हैं। खुशी की बात यह है कि, इन देशों में भारत का नाम भी शामिल हो गया है। क्योंकि, अब देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।

राज एक्सप्रेस। इस दुनिया में कोरोना वायरस की एंट्री के साथ ही अनेक देशों की हालत ख़राब होना शुरू हो गयी थी। क्योंकि, कोरोना वायरस की शुरुआत होते ही लगभग सभी देशों ने अपने देश में लॉकडाउन लागू कर दिया था। जिसके चलते अनेक देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी। इतना ही नहीं देश आर्थिक मंदी का सामना करने लगे थे। वहीं, अब खबर यह है कि, कई देश आर्थिक मंदी से बाहर आते नजर आ रहे हैं। खुशी की बात यह है कि, इन देशों में भारत का नाम भी शामिल हो गया है। क्योंकि, अब देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।

पटरी पर लौट रही अर्थव्यवस्था :

आज अनेक देश जो आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं, वो सिर्फ चीन की वजह से जैसा कि, सभी जानते हैं कि, कोरोना वायरस की जन्म भूमि चीन के वुहान शहर को कहा जाता है। यहीं से कोविड के वायरस ने फैलना शुरू किया और पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद तो मानों जैसे सभी देशों का बुरा समय शुरू हो गया। कई देशों की अर्थव्यवस्था काफी बिगड़ी नजर आई। इसी बीच भारत के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बताया है कि, भारत की अर्थव्यवस्था में पहले की तुलना में काफी सुधार आया है और वह अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रही हैं। साथ ही मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2021 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का त्वरित अनुमान है।

अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने का कारण :

देश में अब पटरी पर लौटती अर्थव्यवस्था के पीछे की वजह वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती मांग है। क्योंकि इसी मांग ने भारत के औद्योगिक उत्पादन को साल-दर-साल के आधार पर 11.50% तक बढ़ा दिया है। जबकि, पिछले साल जुलाई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 10.5% तक गिर गया था। वहीं, इस बार पिछली बार की तुलना में 11% तक बढ़ा है। जबकि, जुलाई 2021 के लिए औद्योगिक उत्पादन में खनन का सूचकांक 104.6, विनिर्माण 130.9 और बिजली क्षेत्रों के लिए 184.7 पर है। पिछले साल की तुलना में प्राथमिक वस्तुओं का निर्माण (माइनस) 10.8% से 12.4% बढ़ा है।

उत्पादन :

  • पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन (माइनस) 22.8% से 29.5% बढ़ा

  • मध्यवर्ती वस्तुओं में (माइनस) 10.7% से 14.1% बढ़ा

  • बुनियादी ढांचे या निर्माण वस्तुओं का उत्पादन (माइनस) 8.2% से 11.6 प्रतिशत बढ़ा

  • उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन (माइनस) 23.7% से 20.2% बढ़ा है। हालांकि, उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन में 1.8% की वृद्धि से (माइनस) 1.8% की नकारात्मक वृद्धि दिखी है।

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