Johnson and Johnson Caccine Trial Succeeded on Rats
Johnson and Johnson Caccine Trial Succeeded on Rats|Kavita Singh Rathore -RE
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चूहों पर सफल रही Johnson & Johnson की कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन निर्मित करने में रूस के बाद अगला नंबर अमेरिका का नजर आ रहा है क्योंकि, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी 'Johnson & Johnson' द्वारा निर्मित वैक्सीन के चूहों पर सफल परिक्षण की खबर सामने आई है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। कोरोना वायरस के दुनिया में कदम रखने से लेकर अब तक कई देश कोरोना की वैक्सीन निर्मित करने में जुटे हुए हैं। हालांकि, इस मामले में रूस पहले ही बजी मार चुका है लेकिन अब भी कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस जारी है। जिसमे अब अगला नंबर अमेरिका का आता नजर आ रहा है क्योंकि, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी 'Johnson & Johnson' द्वारा निर्मित वैक्सीन के चूहों पर सफल परिक्षण की खबर सामने आई है।

चूहों पर वैक्सीन का सफल परीक्षण :

दरअसल अमरीका की जानी मानी कंपनी Johnson & Johnson ने भी कोरोना की वैक्सीन बनाने का दवा किया था। कंपनी ने अब इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि, कंपनी द्वारा निर्मित वैक्सीन का चूहों पर सफल परिक्षण रहा है। अब इसका ट्रायल इंसानों पर भी किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि, 'कोविड-19 वैक्सीन के परीक्षण में पाया गया कि, इस वैक्सीन से ऐसे ऐंटीबॉडी तैयार हुए है जिनके द्वारा चूहों को नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाना संभव है।' इस अध्ययन से जुड़ी जानकारी नेचर मेडिसिन पत्रिका के प्रकाशन से सामने आई है।

संयुक्त रूप से तैयार की गई वैक्सीन :

बताते चलें, कोरोना की यह वैक्सीन Johnson & Johnson और बर्थ इजराइल डीकोनेस मेडिकल सेंटर (BIDMC) कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई है। इसे निर्मित करने में कंपनियों द्वारा सामान्य सर्दी जुखाम के वायरस ‘अडेनोवायरस सीरोटाइप 26’ (एडी26) का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी ने यह भी बताया है कि, इस अध्ययन से यह बात भी सामने आई है कि, इस वैक्सीन ने सीरियाई सुनहरे चूहों में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली की बढ़ोतरी की है। जिससे चूहों को निमोनिया जैसे बीमारियों और मौत से बचाया जा सका है।

इंसानों पर वैक्सीन का ट्रायल :

BIDMC सेंटर फॉर वायरॉलजी ऐंड वैक्सीन रिसर्च के निदेशक डैन बरूच ने इस वैक्सीन के बारे में बताया कि, 'हमने बाईट कुछ समय में देखा कि AD26 आधारित SARS-CoV-2 वैक्सीन ने बंदरों के अंदर मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित की थी। इसको ही देखते हुए अब इस वैक्सीन का ट्रायल मनुष्यों पर शुरू किया जा रहा है।'

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