लंदन कोर्ट ने माल्या की मांग मानते हुए दी राशि देने की अनुमति
लंदन कोर्ट ने माल्या की मांग मानते हुए दी राशि देने की अनुमतिSyed Dabeer Hussain - RE

लंदन कोर्ट ने माल्या की मांग मानते हुए दी राशि देने की अनुमति

पिछले दिनों माल्या ने लंदन कोर्ट से राशि की मांग की थी जिसे कोर्ट ने साफ़ इंकार कर दिया गया था, लेकिन अब लंदन कोर्ट ने माल्या की बात मान ली है।

राज एक्सप्रेस। भारत सरकार द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या कोरोना संकट के बीच एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में फ्रांस में ED द्वारा माल्या की संपत्ति जब्त करने और ED ने माल्या की फ्रांस की संपत्ति बेचने की खबर सामने आई थी। इतना ही नहीं माल्या के द्वारा लंदन कोर्ट से राशि मांगने पर साफ़ इंकार कर दिया गया था, लेकिन अब लंदन कोर्ट ने माल्या की बात मान ली है।

लंदन कोर्ट ने मानी माल्या की बात :

दरअसल, भारत के बैंक से घोटाला करने वाला शराब कारोबारी विजय माल्या अब तक विदेश में बहुत आराम से रह रहा था, लेकिन माल्या को बड़ा झटका तो तब लगा जब ब्रिटिश अदालत ने फ्रांस में उसकी संपत्ति बेचकर जुटाई गई राशि माल्या को देने से इनकार कर दिया था। बता दें, माल्या ने ये रकम अपने खर्चे और कानूनी फीस का भुगतान करने के लिए मांगी थी। हालांकि, लंदन की हाईकोर्ट ने अब विजय माल्या की बात मानते हुए उसे आर्थिक मदद देने की अनुमति दे दी है।

लंदन हाईकोर्ट ने दी मंजूरी :

लंदन हाईकोर्ट ने विजय माल्या को आर्थिक मदद देने की अनुमति देते हुए अपने कोष से 11 लाख पाउंड (भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 11 करोड़ रुपये) देने का फैसला किया है। यह फैसला डिप्टी इन्सॉल्वेंसी एंड कंपनीज कोर्ट जज निगेल बार्नेट ने SBI की अगुवाई में लिया। इसके अलावा कोर्ट ने भारतीय बैंकों के एक समूह द्वारा दिवालिया कार्यवाही के रूप में कोर्ट के फंड आफिस में जमा राशि को माल्या को पहुंच देने की अनुमति दे दी है। सरल शब्दों में कहे तो नए आदेश के अनुसार, माल्या अब कोर्ट के कोष से कुछ पैसे निकाल सकता है।

क्या करेंगे इन पैसों से ?

कोर्ट के फैसले द्वारा दी गई अनुमति से मिलने वाले पैसो का इस्तेमाल माल्या अपने जीवन यापन के खर्चे और कानूनी प्रक्रिया में लगने वाली फीस के भुगतान में करेगा। इस मामले की सुनवाई करते हुए जज ने कहा, 'इस मामले में माल्या अब तक दो पहलुओं पर सफल रहे जबकि, याचिकाकर्ता भारतीय बैंक माल्या के आवेदन के खिलाफ पक्ष रखने में काफी हद तक सफल रहे हैं।'

कोर्ट का कहना :

लंदन कोर्ट का कहना, 'आवेदन की सुनवाई पर कानूनी खर्च होना स्वाभाविक है अब सवाल है कि, यह खर्च कैसे अदा होगा। इसलिए अभी माल्या को इस खर्चे को करने के लिए कोर्ट के फंड से पैसा दिया जाए, हालांकि कोर्ट ने कहा कि दिवालिया मामले में फैसला आने के बाद माल्या द्वारा इस पैसे को कहां और किस मद में खर्च किया गया इसकी जांच होगी।'

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

No stories found.
Raj Express
www.rajexpress.co